बदरीनाथ धाम के संगीत विवाद पर मंत्री सतपाल महाराज का बयान, चारधाम महापंचायत भड़की

DEHRADUN: बद्रीनाथ धाम में आयोजित ‘देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल’ पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। धर्मस्व और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के एक अजीब बयान ने इस आग में घी का काम किया है। महाराज ने कहा कि शंख में भी जानवरों की हड्डी का प्रयोग होता है। इस बयान पर चारधाम तीर्थ […] The post बदरीनाथ डीजे कॉन्सर्ट विवाद पर बोले मंत्री सतपाल महाराज ‘शंख में होती है जानवर की हड्डी’, भड़की चारधाम महापंचायत appeared first on Devbhoomi Dialogue.

Sep 29, 2026 - 09:38
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बदरीनाथ धाम के संगीत विवाद पर मंत्री सतपाल महाराज का बयान, चारधाम महापंचायत भड़की

बदरीनाथ धाम के संगीत विवाद पर मंत्री सतपाल महाराज का बयान, चारधाम महापंचायत भड़की

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कम शब्दों में कहें तो, बदरीनाथ में आयोजित ‘देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल’ के विवाद में मंत्री सतपाल महाराज का एक बयान आग में घी डालने का काम कर गया है।

DEHRADUN: बद्रीनाथ धाम में 'देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल' के आयोजन को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। धर्मस्व एवं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के एक विवादास्पद बयान ने इस मामले में नया मोड़ ला दिया है। उन्होंने कहा कि "शंख में जानवरों की हड्डी का उपयोग होता है", जिसके बाद चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत ने अपनी नाराजगी प्रकट की है।

फेस्टिवल के विवाद का जलना

19-20 सितंबर को बद्रीनाथ के टूरिस्ट अराइवल प्लाजा पर आयोजित हुए ‘देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल 2026’ में डीजे और तेज आवाज के कार्यक्रम की वीडियो क्लिप्स सामने आने के बाद तीर्थ पुरोहितों और धार्मिक संगठनों ने अपनी चिंता व्यक्त की थी। उनका कहना है कि बद्रीनाथ जैसे पावन स्थल पर इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करना धार्मिक मर्यादाओं के खिलाफ है।

स्थानीय प्रशासन ने इस मामले की जिम्मेदारी सेना पर डालते हुए कहा कि डीएम चमोली ने आयोजन के लिए नोडल अफसर की तैनाती की थी, जिससे सवाल खड़े हुए हैं। कई राजनीतिक दिग्गजों और आम लोगों ने इस आयोजन पर कड़ा विरोध जताया है।

सतपाल महाराज का बयान

इस विवाद में कुरुक्षेत्र ने एक नया मोड़ लेते हुए सतपाल महाराज ने नगर के महत्व पर बात की। उन्होंने कहा, “बद्रीनाथ में संगीत कोई नई बात नहीं है। नारायण पर्वत पर भगवान बदरी विशाल का मंदिर है, जहां मिलिट्री बैंड की धुनें आमतौर पर कपाट खुलने और बंद होने पर सुनाई देती हैं, इसलिए संगीत को पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता।”

महाराज ने आगे कहा कि यह बात स्वीकार करना गलत है कि बद्रीनाथ में शंख नहीं बजता। मंदिर के अंदर पूजा के दौरान शंख का इस्तेमाल नहीं किया जाता, लेकिन बाहर शंख बजता है। उनका तर्क था कि "शंख एक जानवर की हड्डी से बनी होती है, जिसे पूजा के अंदर प्रयोग नहीं किया जा सकता, लेकिन इसकी ध्वनि महत्वपूर्ण है।"

चारधाम महापंचायत की प्रतिक्रिया

सतपाल महाराज के इस अभिव्यक्ति पर चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत के महासचिव बृजेश सती ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि महाराज का बयान हास्यास्पद है और तंज कसते हुए कहा कि हो सकता है कि उन्हें इस उम्र में नया ज्ञान प्राप्त हुआ हो। सती ने यह भी कहा कि "यह बयान केवल बद्रीनाथ में हो रहे विवाद से लोगों का ध्यान हटाने के लिए दिया गया है।"

सारांश

बदरीनाथ धाम के धार्मिक स्थलों की पवित्रता और औपचारिकताओं के संदर्भ में इस विवाद ने एक नई बहस को जन्म दिया है। क्या धार्मिक स्थल पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होना चाहिए? यह सवाल अब तीर्थ पुरोहितों, धार्मिक संगठनों और आम जनता के बीच एक ज्वलंत मुद्दा बन गया है।

आगे के अपडेट्स के लिए कृपया theoddnaari.com पर जाएं।

सादर, टीम द ओड नारी - प्रज्ञा शर्मा

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