देहरादून में HIV नियंत्रण को लेकर बड़ा कदम! GIS मैपिंग द्वारा हाई रिस्क इलाकों की पहचान

देहरादून को एचआईवी/एड्स मुक्त बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने संक्रमण की रोकथाम, समय पर जांच और प्रभावी उपचार व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को ऋषिपर्णा सभागार में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में आयोजित ‘मिशन एड्स सुरक्षा’ अभियान की समीक्षा बैठक में एचआईवी नियंत्रण […] The post देहरादून में HIV पर बड़ा एक्शन! हाई रिस्क इलाकों की होगी GIS मैपिंग, डीएम ने दिए सख्त निर्देश appeared first on Uttarakhand Broadcast.

Jul 30, 2026 - 09:38
 134  4.5k
देहरादून में HIV नियंत्रण को लेकर बड़ा कदम! GIS मैपिंग द्वारा हाई रिस्क इलाकों की पहचान
देहरादून में HIV नियंत्रण को लेकर बड़ा कदम! GIS मैपिंग द्वारा हाई रिस्क इलाकों की पहचान

देहरादून में HIV नियंत्रण को लेकर बड़ा कदम! GIS मैपिंग द्वारा हाई रिस्क इलाकों की पहचान

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - The Odd Naari

कम शब्दों में कहें तो, देहरादून के जिला प्रशासन ने HIV/एड्स से संबंधित संक्रमणों की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस दिशा में की गई कार्यवाही के तहत, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने 'मिशन एड्स सुरक्षा' के तहत उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की GIS मैपिंग का निर्देश दिया है, जिससे एचआईवी/एड्स मुक्त देहरादून के लक्ष्य को साकार किया जा सके।

मिशन एड्स सुरक्षा की समीक्षा बैठक

बुधवार को ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित बैठक में, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने एचआईवी नियंत्रण कार्यक्रम की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह विषय न केवल स्वास्थ्य बल्कि सामाजिक संरचना के लिए भी महत्वपूर्ण है।

समय पर जांच और उपचार पर विशेष जोर

बैठक में डीएम ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि एचआईवी/एड्स की रोकथाम हेतु सटीक परामर्श और समय पर जांच की प्रक्रिया को प्रमोट करना अति आवश्यक है। उन्होंने कहा, "हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हर जरूरतमंद तक स्वास्थ्य सेवाएं सहज रूप से पहुँचें।"

हाई रिस्क क्षेत्रों की GIS मैपिंग

डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जनपद के हाई रिस्क क्षेत्रों की पहचान और उनकी GIS मैपिंग की जाए। इससे स्वास्थ्य सेवाओं के लक्षित वितरण और जागरूकता अभियानों को प्रभावी बनाया जा सकेगा।

इसकी विशेष श्रेणी में शामिल हैं:

  • सेक्स वर्कर्स
  • ट्रांसजेंडर समुदाय
  • Injecting Drug Users (IDU)
  • वाहन चालक
  • प्रवासी (Migrants)

सैंपलिंग और टेस्टिंग में वृद्धि

जिलाधिकारी ने एचआईवी की सैंपलिंग और टेस्टिंग में तेजी लाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर संक्रमित व्यक्ति को तुरंत ART (Antiretroviral Therapy) केंद्रों से जोड़ा जाए ताकि उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध हो सके।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने सुझाव दिया कि:

  • संक्रमण का संपर्क ट्रेसिंग प्रभावी ढंग से किया जाए।
  • संक्रमित मरीजों का नियमित फॉलो-अप किया जाए।
  • गर्भवती महिलाओं की समयबद्ध जांच और काउंसलिंग सुनिश्चित की जाए।

सामाजिक भ्रांतियों का निराकरण

डीएम ने कहा कि एचआईवी/एड्स के संबंध में समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करना उतना ही जरूरी है जितना कि भौतिक उपचार। इसके लिए एक तथ्यात्मक और संवेदनशील जन जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने इसके लिए अन्य विभागों जैसे पुलिस, शिक्षा आदि के सहयोग को भी आवश्यक बताया।

2025-26 में HIV जांच से संबंधित आंकड़े

बैठक में स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी कि वर्ष 2025-26 के दौरान जनपद में विभिन्न अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर कुल 85,065 लोगों की HIV जांच की गई, जिसमें से 583 लोग HIV पॉजिटिव पाए गए और उन्हें ART केंद्रों के माध्यम से उपचार एवं परामर्श सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।

बैठक में उपस्थित अधिकारी

इस बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एम.के. शर्मा, डीटीओ डॉ. मनोज कुमार वर्मा, डॉ. सुनीता हाडा, नोडल एआरटी डॉ. के.सी. पंत, स्वास्थ्य विभाग, ICDSC, ART केंद्रों और विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

अधिक जानकारियों के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएं: The Odd Naari.

सादर,
टीम द ओड नारी - अंजली शर्मा

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow