दून में बेरोजगार नर्सों का कदम: चार महिलाओं ने पिया फिनायल, मची हड़कंप
The post संकट- दून में चार नर्सिंग महिला बेरोजगारों ने पिया फिनायल appeared first on Avikal Uttarakhand. एक महिला प्रदर्शनकारी दून अस्पताल की आईसीयू में भर्ती,मचा हड़कंप मंत्री से वार्ता विफल होने पर फैली हताशा में उठाया जानलेवा कदम अविकल उत्तराखण्ड देहरादून । वर्षवार नियुक्ति और नर्सिंग… The post संकट- दून में चार नर्सिंग महिला बेरोजगारों ने पिया फिनायल appeared first on Avikal Uttarakhand.
दून में बेरोजगार नर्सों का कदम: चार महिलाओं ने पिया फिनायल, मची हड़कंप
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - The Odd Naari
कम शब्दों में कहें तो, दून में चार नर्सिंग बेरोजगार महिलाओं ने स्वास्थ्य मंत्री से वार्ता विफल होने के बाद फिनायल पी लिया। इस घटना ने पूरे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा दिया है।
देहरादून से एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है जहाँ नर्सिंग एकता मंच के बैनर तले प्रदर्शन कर रहीं चार महिला बेरोजगारों ने स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के आवास के बाहर फिनायल का सेवन कर लिया। यह कदम उस समय उठाया गया जब उनकी नियुक्तियों को लेकर वादे न किए जाने पर उनका समर्थन खत्म हो गया।
इस घटना में उत्तरकाशी जिले की निवासी किरण रावत की हालत बिगड़ गई और उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद दून अस्पताल की आईसीयू में भर्ती कराया गया। अद्भुत स्थिति ने स्थानीय समुदाय के बीच चिंता बढ़ा दी है।
महिलाओं की मांगें और मंत्री से वार्ता
हालाँकि, पिछले कई महीनों से ये महिलाएं वर्षवार नियुक्ति के बजाय वरिष्ठता के आधार पर नियुक्तियों की मांग कर रही थीं। उनका कहना है कि लिखित परीक्षा के माध्यम से उन्हें रखा जाना सही नहीं है, विशेष रूप से पेपर लीक होने के मामलों के संदर्भ में। उनकी प्रमुख मांगें थीं कि 25-26 जुलाई को होने वाली परीक्षा रद्द की जाए।
22 जुलाई को मंत्री सुबोध उनियाल के साथ एक बातचीत की गई थी जिसमें नर्सिंग बेरोजगारों के प्रतिनिधियों नवल पुंडीर, राजेन्द्र कुकरेती और लीला चौहान ने अपनी समस्याएं साझा की थीं। लेकिन बात-चीत में मंत्री ने उनकी मांगों को नजरअंदाज किया, जिससे प्रदर्शनकारियों में निराशा फैल गई।
क्या कहती हैं महिलाएं?
नर्सिंग बेरोजगार एकता मंच के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि मंत्री ने उनके गंभीर मुद्दों को हल करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए। इस तनाव भरे माहौल में महिलाओं ने अपने जीवन को खतरे में डालने का निर्णय लिया। यह पादान सोशल मीडिया और समाचार पोर्टलों पर चर्चा का विषय बन गया है। लोग अब इस बात पर विचार कर रहे हैं कि इस मुद्दे का समाधान कैसे निकाला जाए।
स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया
स्थिति को देखते हुए, स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने उनका इलाज सुनिश्चित करने की कोशिश की। लेकिन इस घटना के बाद प्रशासन पर कई सवाल उठने लगे हैं। ये संकट केवल बेरोजगारी का परिणाम नहीं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की भी गवाही देता है। क्या सरकार इस मुद्दे को सुनने और समझने में विफल हो रही है?
फिलहाल सभी की निगाहें दून अस्पताल की आईसीयू में भर्ती किरण रावत की हालत पर टिकी हुई हैं। उनके स्वास्थ्य में सुधार की कामना की जा रही है और यह भी देखना दिलचस्प होगा कि क्या प्रशासन मांगों को हल करने के लिए कोई कदम उठाएगा या नहीं।
अक्सर, ऐसे संवेदनशील मुद्दे समाज में बड़े बदलाव का कारण बनते हैं। यह घटना एक बार फिर से उन मुद्दों को उजागर करती है जिन्हें हमें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
इस गंभीर स्थिति पर अपने विचार साझा करें और हमें बताएं कि आप इसमें क्या सोचते हैं। इस घटना के बारे में अधिक जानकारी के लिए, कृपया यहाँ क्लिक करें।
टीम दOdd Naari, संगीता शर्मा
What's Your Reaction?