ट्रंप के नए कानून से भारत की बढ़ी टेंशन! अमेरिकी टैरिफ का 100% खतरा रूसी तेल पर

US 100% Tariff Impact: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से रूस और ईरान पर प्रतिबंधों से जुड़े नए कानून पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद भारत-अमेरिका व्यापार को लेकर नई चिंता सामने आई है। कानून के तहत रूस से तेल और गैस खरीदने वाले कुछ देशों पर अमेरिका को 100 प्रतिशत तक अतिरिक्त […] The post ट्रंप ने साइन किए, भारत की बढ़ी टेंशन! रूसी तेल पर अब 100% अमेरिकी टैरिफ का खतरा appeared first on Uttarakhand Broadcast.

Sep 19, 2026 - 18:38
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ट्रंप के नए कानून से भारत की बढ़ी टेंशन! अमेरिकी टैरिफ का 100% खतरा रूसी तेल पर

ट्रंप के नए कानून से भारत की बढ़ी टेंशन! अमेरिकी टैरिफ का 100% खतरा रूसी तेल पर

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कम शब्दों में कहें तो, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूस और ईरान पर प्रतिबंधों से जुड़े नए कानून पर हस्ताक्षर करने के बाद भारत-अमेरिका व्यापार में नई चिंताएँ उभरी हैं।

भारत के लिए यह मामला बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वह रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करता है और अमेरिका उसकी प्रमुख निर्यात बाजारों में से एक है। इस नए कानून के कारण भारत पर अमेरिकी टैरिफ लागू होने का खतरा बन सकता है, जो सीधे तौर पर भारतीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।

क्या है पूरा मामला?

अमेरिकी सीनेट द्वारा पारित ‘Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026’ के तहत रूस और ईरान पर प्रतिबंधों को और भी सख्त किया गया है। इसके तहत, अमेरिका को कुछ देशों के उत्पादों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार मिल सकता है, यदि वे रूस से ऊर्जा खरीदते हैं। भारत खूबसूरत है क्योंकि वह रूस से कच्चे तेल का बड़ा खरीदार है।

रूस से तेल खरीदने पर भारत के सामने क्या चुनौती?

रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद भारत ने उतनी तेजी से रूसी कच्चे तेल की खरीद बढ़ाई है कि इसकी मात्रा पिछले कुछ समय में बढ़ी है। यदि अमेरिका के दबाव के चलते भारत को रूस से तेल की खरीद में कमी करनी पड़ती है, तो उस स्थिति में भारत को पश्चिम एशिया, अमेरिका, अफ्रीका, या दूसरे बाजारों से कच्चा तेल खरीदना होगा। यह खरीद उसकी आयात लागत में adding का कारण बनेगी।

महंगा हुआ तेल तो बढ़ सकता है आयात बिल

यदि भारत को महंगे विकल्पों पर निर्भर होना पड़ेगा, तो उसकी क्रूड इंपोर्ट बिल बढ़ सकता है, जिससे व्यापार संतुलन पर दबाव पड़ेगा। इससे देश की अर्थव्यवस्था में काफी प्रभाव पड़ सकता है।

अमेरिका को भारत का निर्यात भी हो सकता है प्रभावित

भारत अमेरिका को कई वस्त्र, फार्मा, इंजीनियरिंग गुड्स, जेम्स एवं ज्वेलरी, लेदर, केमिकल्स, और मरीन प्रोडक्ट्स निर्यात करता है। यदि अमेरिकी सरकार भारतीय उत्पादों पर 100% तक टैरिफ लगाती है, तो इससे भारतीय कंपनियों की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति कमजोर हो सकती है।

भारत-अमेरिका व्यापार पर कितना असर?

भारत का अमेरिका को माल निर्यात पिछले वर्ष की तुलना में 21.83 प्रतिशत बढ़कर लगभग 8.4 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। यदि टैरिफ में बढ़ोतरी होती है, तो यह दोनों देशों के बीच व्यापार पर नकारात्मक असर डाल सकता है।

पहले भी 50% टैरिफ का दिखा था असर

सितंबर 2025 से फरवरी 2026 तक भारत पर लागू 50% टैरिफ के समय अमेरिका को भारत का औसत निर्यात 6.5 अरब डॉलर रहा था। इस समय अंतराल के पहले के 6 महीनों में यह आंकड़ा 8.1 अरब डॉलर था।

अब आगे क्या होगा?

भारतीय सरकार अभी भी सुनिश्चित करना चाहती है कि उसकी ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय हित सुरक्षित रहें। आने वाले दिनों में भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता और रूस से तेल आयात पर निर्णय काफी महत्वपूर्ण होंगे। 100 प्रतिशत टैरिफ का खतरा और उसके लागू होने की प्रक्रिया अलग-अलग बात हैं। यह भारत सरकार के लिए एक बहुत बड़ी आर्थिक चुनौती है।

सभी निगाहें सरकार के फैसलों और व्यापार वार्ताओं पर रहेंगी, क्योंकि ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता से संबंधित ये फैसले दुनिया भर में ध्यान आकर्षित करेंगे।

अधिक जानकारी के लिए, विजिट करें The Odd Naari

सादर,
टीम द ओड नारी
स्वाति शर्मा

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