चंडीगढ़: मंजीत कौर की हत्या के मामले में पुलिस की लापरवाही का पर्दाफाश
चंडीगढ़: पंजाबी इंफ्लूएंसर मंजीत कौर की मौत के मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने अपहरण और हत्या का केस दर्ज किया है। मंजीत कौर की मां कांता देवी की शिकायत पर सेक्टर-34 थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। परिवार ने दो परिचितों पर मंजीत को अगवा कर मोरिंडा के जंगल क्षेत्र में ले जाने और […] The post मंजीत कौर को पेड़ से बांधकर जिंदा जलाया! मौत के बाद खुला पुलिस की लापरवाही का राज appeared first on Uttarakhand Broadcast.
मंजीत कौर को पेड़ से बांधकर जलाया गया, जहाँ पुलिस ने किया लापरवाही का खुलासा
कम शब्दों में कहें तो, मंजीत कौर की हत्या के मामले में चंडीगढ़ पुलिस पर सवाल उठने लगे हैं। मां की शिकायत के बाद अपहरण और हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है। पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए कई महत्वपूर्ण सवाल सामने आ रहे हैं। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - The Odd Naari
चंडीगढ़: पंजाब की मशहूर सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर मंजीत कौर की मौत के मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने अपहरण और हत्या का मामला दर्ज किया है। मंजीत की मां, कांता देवी, ने सेक्टर-34 थाने में एफआईआर दर्ज करायी है। परिवार के अनुसार, मंजीत को दो परिचितों ने अगवा किया और उसे मोरिंडा के जंगल में ले जाकर पेड़ से बांधकर आग में झोंक दिया।
3 जुलाई की रात का भयावह मंजर
परिवार ने बताया कि यह घटना 3 जुलाई की रात9 जुलाई को मंजीत कौर को पीजीआई में भर्ती कराया गया, लेकिन स्थिति में सुधार आने में समय लगा और 5 अगस्त को होश आया।
बयान दर्ज न होने की लापरवाही
मंजीत कौर की मां, कांता देवी ने पुलिस की कार्रवाई पर गहरा सवाल उठाया है। उनके अनुसार, जब मंजीत होश में आई, तो उसने अपने बयान दर्ज कराने के लिए पुलिस को बुलाने का अनुरोध किया था। लेकिन आरोप है कि पीजीआई चौकी पुलिस को सूचना देने के बावजूद कोई जांच अधिकारी अस्पताल नहीं पहुंचा।
इस पूरी घटना के संदर्भ में यह महत्वपूर्ण सवाल उठता है कि अगर मंजीत बाद में पुलिस को बयान देने की स्थिति में थी, तो घटना के तुरंत बाद हत्या के प्रयास जैसी धाराओं में मामला क्यों दर्ज नहीं किया गया?
मंजीत कौर की दुखद मौत
एक महीने के इलाज़ के बाद 26 अगस्तशिकायत में शुभी और पिंदा के नाम दो लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, पुलिस की जांच पूरी होने तक इसके पीछे की वास्तविकता का पता लगाना मुश्किल है।
CCTV फुटेज की गहन जांच
जैसे ही एफआईआर दर्ज की गई, पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने सेक्टर-34 और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज को खंगालने का निर्णय लिया है।
इस जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि मंजीत को किस वाहन से ले जाया गया और घटना के पीछे की असली वजह क्या थी। इसके अलावा, प्रतिष्ठानों के टोल प्लाजा के CCTV फुटेज भी जांच के दायरे में हैं।
अस्पतालों से जानकारी जुटाई जाएगी
पुलिस यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि क्या मंजीत कौर के मोरिंडा अस्पताल, मोहाली के मैक्स अस्पताल और पीजीआई में इलाज़ के दौरान घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस अधिकारियों को दी गई थी या नहीं। यदि सूचना दी गई थी, तो उसकी कार्रवाई पर भी जांच की जाएगी।
चंडीगढ़ SSP का बयान
चंडीगढ़ की एसएसपी कंवरदीप कौर ने बताया कि मंजीत कौर की मां की शिकायत के बाद अपहरण और हत्या का मामला दर्ज हो गया है। पुलिस सभी उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों की गहन जांच कर रही है।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मंजीत कौर के मामले में उठे कुछ बड़े सवाल
- 3 जुलाई की घटना के बाद पुलिस ने समय पर कार्रवाई क्यों नहीं की?
- मंजीत के होश में आने के बाद उसका बयान दर्ज नहीं हो सका?
- क्या अस्पतालों ने पुलिस को घटना की सूचना दी?
- मंजीत को कौन से वाहन से घटनास्थल तक ले जाया गया?
- इस हत्याकांड के पीछे असली वजह क्या थी?
पुलिस इस समय CCTV फुटेज, अस्पतालों से जुड़ी जानकारी और अन्य साक्ष्यों की विवेचना कर रही है। घटना के सभी पहलुओं की जांच के साथ-साथ, चंडीगढ़ पुलिस को इस गंभीर मामले में उचित कार्रवाई करनी होगी ताकि किसी भी तरह की लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो सके।
इसके अलावा, यदि कोई नई जानकारी सामने आती है, तो उसे जल्द से जल्द जनता के समक्ष लाया जाएगा।
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— Team The Odd Naari, स्नेहा शर्मा
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