गुरु पूर्णिमा पर गुरु महिमा का अद्भुत समारोह, हजारों श्रद्धालुओं ने टेका मत्था
देहरादून। दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज, देहरादून में बुधवार को गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व अपार श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही उत्तराखंड सहित देश-विदेश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं संगतें श्री दरबार साहिब पहुंचीं। श्रद्धालुओं ने श्री गुरु राम राय जी महाराज […] The post गुरु पूर्णिमा पर श्री दरबार साहिब में गूंजा गुरु महिमा का संदेश, हजारों श्रद्धालुओं ने टेका मत्था appeared first on Uttarakhand Broadcast.
गुरु पूर्णिमा पर गुरु महिमा का अद्भुत समारोह, हजारों श्रद्धालुओं ने टेका मत्था
कम शब्दों में कहें तो, देहरादून स्थित श्री दरबार साहिब में बुधवार को गुरु पूर्णिमा का पर्व अपार श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। चारों ओर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ आया, जो गुरु राम राय जी महाराज के चरणों में मत्था टेकने के लिए आए थे। इस धार्मिक अवसर पर हजारों की संख्या में भक्तगण देश और विदेश से आए ताकि वे इस सुअवसर का लाभ उठा सकें। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - The Odd Naari
विशाल संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति
गुरु पूर्णिमा के मौके पर श्रद्धालुओं ने सुबह से ही उत्तराखंड और अन्य राज्यों से आकर श्री दरबार साहिब में दर्शन किए। लोग श्रद्धापूर्वक गुरु के चरणों में शीश झुकाते हुए आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए कतार में लगे हुए थे। हर किसी की जुबां पर गुरु के नाम का जादू था और भारतीय संस्कृति की प्रति भावनाओं का अभिव्यक्ति स्पष्ट नजर आ रही थी।
श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज का प्रेरणादायक संदेश
उक्त पर्व के मौके पर श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने श्रद्धालुओं के सामने विशेष पूजा-अर्चना एवं अरदास रखी। उन्होंने सभी भक्तों के सुख, समृद्धि और कल्याण के लिए गुरु कृपा का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि गुरु सिर्फ ज्ञानी नहीं, बल्कि हमारे जीवन में दिव्य प्रकाश हैं, जो हमें सही मार्ग पर आगे बढ़ाते हैं।
गुरु की शिक्षाएँ: आत्मीयता और सेवा का मार्ग
श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी ने अपने उद्बोधन में गुरु के महत्व पर प्रकाश डाला। उनका कहना था कि गुरु केवल ज्ञान देने के लिए नहीं बल्कि हमें करुणा और सेवा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं। गुरु पूर्णिमा केवल एक आध्यात्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह हमें सेवा और विनम्रता की ओर प्रेरित करने का भी अवसर है।
समाज में प्रेम और सद्भाव का संचार
इस धार्मिक समारोह में श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी ने जो भी संदेश दिया, वह समाज में प्रेम, सद्भाव और करुणा को बढ़ाने का था। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे गुरु के वचनों को अपने जीवन में शामिल करें और मानवता के लिए सेवा का कार्य करें। यह समय इन मूल्यों को अपनाने का है।
भक्ति का अद्भुत वातावरण
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्री दरबार साहिब परिसर में भक्ति और श्रद्धा की लहरों ने समां बांध दिया। भजन-कीर्तन, प्रार्थना और पूजा का अद्भुत माहौल था। श्रद्धालुओं ने गुरु के चरणों में नतमस्तक होकर आशीर्वाद प्राप्त किया और परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ।
विशेष लंगर प्रसाद का आयोजन
धार्मिक उत्सव के अंत में श्रद्धालुओं के लिए लंगर प्रसाद की व्यवस्था की गई थी। हजारों दर्शनार्थियों ने प्रसाद ग्रहण किया और इस पुण्य कार्य का लाभ उठाया। लंगर का आयोजन गुरु की कृपा के प्रतीक के रूप में देखा जाता है, जो समाज में एकता और सेवा का संदेश फैलाता है।
यही नहीं, इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान के प्रति अपनी भक्ति को और गहरा किया और इस धार्मिक समारोह का आनंद लेते हुए एक साथ मिलकर सेवा के प्रति अपनी निष्ठा प्रकट की। हमें सभी भक्तों के इस महान सहयोग और उनके साहस को सराहना चाहिए।
गुरु पूर्णिमा का पर्व न केवल भक्ति का प्रतीक है, बल्कि यह हमें सिखाता है कि हमें अपने जीवन में गुरु के आदर्शों को अपनाना चाहिए। उनके विचारों और शिक्षाओं को अपने आचरण में उतारकर हम अपने और समाज के लिए एक सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
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भक्ति के इस अद्भुत पर्व की पूर्णता के साथ हम सभी भक्तों को गुरु कृपा मिले।
सादर,
टीम द odd नारी
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