केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सरकारी सेवा को संवेदनशील बनाने पर किया जोर
नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सरकारी सेवा व्यवस्था को कर्मचारियों और उनके परिवारों की जरूरतों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाने की दिशा में लगातार प्रयास जारी रखने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि सेवा नियम केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं तक सीमित नहीं होने चाहिए, बल्कि मुश्किल परिस्थितियों में कर्मचारियों और उनके परिवारों […]
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सरकारी सेवा को संवेदनशील बनाने पर किया जोर
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कम शब्दों में कहें तो, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सरकारी सेवा नियमों को कर्मचारियों और उनके परिवारों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने हाल ही में दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान सरकारी सेवा व्यवस्था को लोगों की जरूरतों के प्रति संवेदनशील बनाने पर जोर दिया। उनकी राय में, सेवा नियम केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं तक सीमित नहीं रहने चाहिएं, बल्कि कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए मुश्किल परिस्थितियों में सहारा देने वाली व्यवस्था भी बनानी चाहिए।
उन्होंने केंद्रीय सचिवालय सेवा (सीएसएस) फोरम की नई ‘सीएसएस शील्ड’ पहल का स्वागत किया, जिसका उद्देश्य दिवंगत अधिकारियों के परिवारों को सामूहिक आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस पहल के तहत, डॉ. जितेंद्र सिंह ने दिवंगत अधिकारियों मोहन चंद्र भट्ट और राजेंद्र चंद्र के परिवारों को आर्थिक मदद भी प्रदान की। यह कार्यक्रम सीएसएस फोरम के सदस्य, सेवारत अधिकारी और दिवंगत अधिकारियों के परिजनों की उपस्थिति में आयोजित हुआ।
मंत्री ने बताया कि सरकारी सेवा व्यवस्था में समय-समय पर बदलाव आवश्यक है ताकि कर्मचारियों और उनके परिवारों की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखा जा सके। उन्होंने कहा कि कार्मिक मंत्रालय नियमित रूप से सेवा संबंधी नियमों की समीक्षा कर रहा है और जहां सुधार की जरूरत होती है, वहां नए प्रावधान या संशोधन पर विचार किया जाता है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार का मुख्य उद्देश्य ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था बनाना है, जो कर्मचारियों की वास्तविक जरूरतों को समझ सके और तात्कालिक संकट के समय उनके परिवारों का साथ दे सके। उन्होंने अधिकारियों के परिवारों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को व्यवस्था की संवेदनशीलता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना।
‘सीएसएस शील्ड’ को एक सामूहिक प्रयास के रूप में देखा गया है, जिसमें सरकारी सेवा समुदाय अपने-अपने सहयोग से ऐसे परिवारों की मदद कर सकता है, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। यह पहल विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के दौरान कई अधिकारियों की मृत्यु के बाद से ज़रूरत महसूस की गई थी।
सीएसएस फोरम के अनुसार, 2020 से अब तक लगभग 65 से 70 दिवंगत अधिकारियों के परिवारों की मदद के लिए सामूहिक रूप से 1.30 करोड़ रुपये का योगदान प्राप्त हुआ है। अब इस पहल के तहत लाभार्थी परिवारों को कम से कम 15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का लक्ष्य रखा गया है। भविष्य में यह सहायता राशि और बढ़ सकती है, यदि संसाधनों में वृद्धि होती है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने सुझाव दिया कि इस सहायता का दायरा केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्होंने दिवंगत अधिकारियों के बच्चों की शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति प्रदान करने की संभावना पर भी विचार किया, जिससे प्रभावित परिवारों को प्रारंभिक संकट के बाद भी दीर्घकालिक सहायता मिल सकेगी।
इस तरह की संवेदनशीलता को बढ़ावा देने से सरकार एक सशक्त कर्मचारी समुदाय का निर्माण कर सकती है, जो आपस में सहयोग और सहानुभूति के आदान-प्रदान में आगे बढ़े। इसके माध्यम से, सरकारी सेवा व्यवस्था न केवल कर्मचारियों बल्कि उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
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इस महत्वपूर्ण पहल के माध्यम से, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी सेवा में संवेदनशीलता और सहयोग की आवश्यकता हमेशा बनी रहेगी।
सादर,
टीम द ओड नारी
सुमन शर्मा
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