कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ बजने की राजनीतिक हलचल: राहुल-सोनिया और खड़गे के VIDEO पर बवाल

नई दिल्ली। 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान पूरा ‘वंदे मातरम्’ बजाए जाने को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई। कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। कार्यक्रम के […] The post पूरा ‘वंदे मातरम्’ बजा तो कांग्रेस मुख्यालय में क्यों बदला माहौल? राहुल-सोनिया-खड़गे के VIDEO पर मचा सियासी घमासान appeared first on Uttarakhand Broadcast.

Aug 16, 2026 - 18:38
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कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ बजने की राजनीतिक हलचल: राहुल-सोनिया और खड़गे के VIDEO पर बवाल
कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ बजने की राजनीतिक हलचल: राहुल-सोनिया और खड़गे के VIDEO पर बवाल

नई दिल्ली। 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम में पूरा ‘वंदे मातरम्’ बजाए जाने को लेकर देश की राजनीति में हलचल मच गई है। इस कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - The Odd Naari

कम शब्दों में कहें तो, स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘वंदे मातरम्’ का पूरा गायन कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति और उसके वर्तमान रुख को लेकर महत्वपूर्ण प्रश्नों को जन्म दे रहा है। कांग्रेस के मुखिया खुद इस दृश्य पर प्रतिक्रिया देने से बचते नजर आए हैं। कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ के दो छंदों के बाद भी गीत का गायन जारी रहा, जिससे पार्टी के नेताओं के चेहरे पर असहजता देखी गई। यह दृश्य सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।

पूरा ‘वंदे मातरम्’ बजने पर क्या हुआ?

कार्यक्रम के दौरान प्रारंभ में ‘वंदे मातरम्’ के शुरुआती दो छंदों का गायन हुआ। इसके बाद, जब गीत जारी रहा, तो राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी समेत कुछ नेताओं को गीत का गायन करते हुए नहीं देखा गया। सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच बातचीत होती रही, जो कार्यक्रम के दौरान देखने वालों के लिए विशेष ध्यान आकर्षित करने वाला था।

जयराम रमेश की सफाई

इस घटनाक्रम पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मीडिया से कहा कि इस मामले में कोई विवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि ‘पूरा ‘वंदे मातरम्’ गाया गया और इसे रोकने का कोई प्रयास नहीं किया गया’। उनके अनुसार, खड़गे के देर तक खड़े रहने और सोनिया गांधी द्वारा कुर्सी मंगाने की चर्चा थी, जिसे मीडिया ने एक असहजता समझ लिया।

कांग्रेस का ऐतिहासिक रुख

‘वंदे मातरम्’ को लेकर कांग्रेस का ऐतिहासिक रुख लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। कई बार पार्टी के भीतर इसके केवल शुरूआती छंदों का गायन किया जाता रहा है, जबकि पूरे गीत को लेकर विवाद उठते रहे हैं। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इसके सभी छंदों के धार्मिक संदर्भों पर भी बहस हुई थी। इस बार कांग्रेस द्वारा पूरे गीत के गाए जाने ने पुराने रुख के खिलाफ कड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

बीजेपी का कांग्रेस पर हमला

कांग्रेस के इस घटनाक्रम को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि यदि कांग्रेस ‘वंदे मातरम्’ को अपने राष्ट्रीय गीत के रूप में स्वीकार करती है तो इसके पूरे संस्करण पर उनकी क्या स्थिति है? इस पर कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम में कोई भी प्रयास इसे रोकने का नहीं किया गया।

स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘वंदे मातरम्’ की प्रमुखता

इस वर्ष ‘वंदे मातरम्’ की रचना को 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इसे विशेष महत्व दिया गया। लाल किले के आधिकारिक समारोह में भी ‘जन गण मन’ से पहले ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया गया। इस प्रकार, पूरे देश में राष्ट्रीय गीत के अभिनव प्रयोग और उसके ऐतिहासिक संदर्भ को लेकर एक बड़ी बहस होने की संभावना बढ़ गई है।

केरल में अलग रुख

केरल में स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर दिए गए निर्देशों ने भी परिस्थिति को और रोचक बना दिया। राज्य में स्कूलों को ध्वजारोहण के बाद केवल ‘जन गण मन’ गाने का निर्देश दिया गया, जबकि ‘वंदे मातरम्’ का उल्लेख नहीं किया गया। इससे साबित होता है कि राजनीतिक बहस केवल एक पार्टी तक भी सीमित नहीं है।

कांग्रेस के सामने बड़ा सवाल

कांग्रेस मुख्यालय में पूरा ‘वंदे मातरम्’ बजाए जाने के बाद पार्टी के सामने सबसे बड़ा सवाल उसके ऐतिहासिक रुख को लेकर उठ रहा है। जहाँ कुछ नेता इसे साधारण घटना मान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इसे लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। कांग्रेस की ओर से यह स्पष्टीकरण दिया गया है कि इसमें कोई समस्या नहीं थी और इसे रोकने की कोशिश नहीं की गई

देश भर में इस विषय पर चर्चा चल रही है, और यह सवाल उठता है कि क्या कांग्रेस अपने पुराने रुख को दरकिनार कर एक नए संवाद की ओर बढ़ रही है? आगे क्या होता है, यह देखना रोचक होगा। अधिक जानकारी के लिए, [यहाँ क्लिक करें](https://theoddnaari.com)।

सादर,
टीम द़ ऑड नारी (सिया शर्मा)

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