कथा के स्मरण में 51 क्विंटल फूलों से सजे बाबा केedar का धाम, कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे

Kedarnath Yatra 2026 : केदारनाथ धाम की यात्रा को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। पूरे केदारपुरी को आकर्षक फूलों से सजाया जा रहा है। जिससे नजारा और भी भव्य नजर आ रहा है। 51 क्विंटल फूलों से सजाया जा रहा बाबा केदार का धाम बाबा केदार के धाम केदारनाथ के कपाट […]

Apr 21, 2026 - 00:38
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कथा के स्मरण में 51 क्विंटल फूलों से सजे बाबा केedar का धाम, कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे
कथा के स्मरण में 51 क्विंटल फूलों से सजे बाबा केedar का धाम, कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे

कथा के स्मरण में 51 क्विंटल फूलों से सजे बाबा केedar का धाम, कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे

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कम शब्दों में कहें तो, केदारनाथ धाम की यात्रा की तैयारियों का अंतिम चरण पूरा हो गया है। सम्पूर्ण केदारपुरी को 51 क्विंटल फूलों से सजाया जा रहा है, जिससे इसकी भव्यता और भी बढ़ गई है।

केदारनाथ यात्रा 2026 के लिए प्रशासनिक तैयारियाँ अंतिम रूप में हैं। केदारनाथ धाम में इस बार फूलों की सजावट के साथ-साथ भक्तों और यात्रियों के लिए अनेक सुविधाएं भी सुनिश्चित की गई हैं। सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं का ध्यान रखा गया है। यात्रा की शुरुआत के लिए 22 अप्रैल सुबह 8 बजे का समय प्रस्तावित है।

51 क्विंटल फूलों से सजाया जा रहा बाबा केedar का धाम

बाबा केedar का धाम के कपाट खुलने में अब केवल एक दिन शेष है। इस बार 51 क्विंटल फूलों की उपयोग से धाम को सजाया जा रहा है। यह सजावट न केवल भक्तों की भावनाओं को प्रकट करती है, बल्कि इससे धाम की गरिमा भी बढ़ती है। फाटा में स्थित पंचमुखी उत्सव डोली, धीरे-धीरे अपने निर्धारित मार्ग पर धर्म की ओर बढ़ रही है। गौरीकुंड पहुँचने पर डोली का भव्य स्वागत किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर देखने को मिलेगी।

Kedarnath Yatra 2026

21 अप्रैल को केदारनाथ धाम पहुंचेगी पंचमुखी डोली

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 21 अप्रैल को पंचमुखी डोली केदारनाथ धाम पहुँचने वाली है। इस अवसर पर गौरीकुंड में डोली का भव्य स्वागत किया जाएगा। पंडित उमेश चंद्र पोस्ती, केदार सभा के वरिष्ठ सदस्य ने यह जानकारी दी है कि यात्रा से संबंधित सभी व्यवस्थाएँ पूरी हो चुकी हैं।

22 अप्रैल को सुबह 8 बजे के समय मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए खुलेंगे, जिससे भक्त बाबा केedar के दर्शन कर सकेंगे।

होटल और धर्मशालाओं को सजाया जा रहा

इस बार यात्रा की सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए केदारपुरी में होटलों और धर्मशालाओं को सजाने का कार्य भी किया जा रहा है। प्रशासन और मंदिर समिति ने इस बार व्यवस्था को और बेहतर और सुरक्षित बनाने के लिए विशेष तैयारी की है। ताकि श्रद्धालुओं को पर्याप्त सुविधाएं मिल सकें और उनकी यात्रा सुखद हो।

अंत में, यह कहना आवश्यक है कि बाबा केedar की यात्रा एक आध्यात्मिक अनुभव है, जो भक्तों के मन में शांति एवं सुख का संचार करती है। ऐसे अद्भुत अनुभव के लिए सभी श्रद्घालु अपने-अपने घरों से निकलने के लिए तैयार हो रहे हैं। इस पावन यात्रा में शामिल होने का आपका स्वागत है।

आप और अधिक अपडेट के लिए यहां जाएं.

सादर, टीम द ओड नारी

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