ईरान के राष्ट्रपति का BRICS देशों से सहयोग बढ़ाने का आह्वान
नयी दिल्ली: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने BRICS देशों से वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच आपसी सहयोग को मजबूत करने का आह्वान किया है। नई दिल्ली में आयोजित BRICS बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन में उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया गंभीर भू-राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताओं से गुजर रही है। ऐसे हालात में […]
ईरान ने BRICS सहयोग बढ़ाने पर दिया जोर
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कम शब्दों में कहें तो, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने BRICS देशों से वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच सहयोग को मजबूती प्रदान करने की अपील की है।
नयी दिल्ली: हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित BRICS बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन में, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने BRICS सदस्य देशों को वैश्विक आर्थिक समस्याओं के संदर्भ में परस्पर सहयोग को सशक्त बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने व्यक्त किया कि वर्तमान भू-राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताओं के दौर में, BRICS को अपनी सामूहिक आर्थिक क्षमताओं को व्यावहारिक कारोबारी सहयोग में बदलने की आवश्यकता है।
वर्तमान वैश्विक चुनौतियाँ
पेजेशकियान ने उल्लेख किया कि वर्तमान वैश्विक आर्थिक परिदृश्य पर कई प्रकार के दबाव उत्पन्न हो रहे हैं। भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान ने कारोबारी वातावरण को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। उनके अनुसार, इन कठिनाइयों के मध्य BRICS को अपनी भूमिका को अधिक प्रभावी बनाना होगा।
ईरानी राष्ट्रपति ने बताया कि BRICS की ताकत सिर्फ उसके बड़े अर्थव्यवस्थाओं के समूह तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी पूर्ण क्षमता व्यापार, निवेश और संयुक्त वित्तपोषण नेटवर्क के माध्यम से सामने आएगी। उन्होंने संभावित सहयोग को परिणामदायक साझेदारी में बदलने की आवश्यकता पर जोर दिया।
आर्थिक सहयोग का विस्तार
पेजेशकियान ने सुझाव दिया कि BRICS देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए कारोबारी संपर्क बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है। व्यापारिक साझेदारी के विस्तार के साथ नए निवेशों की संभावनाओं को तलाशना और सामूहिक वित्तीय परियोजनाओं को बढ़ावा देना चाहिए। इससे देशों की अर्थव्यवस्थाओं के बीच गहन संबंध स्थापित होंगे, जो वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच नई संभावनाओं का द्वार खोलेगा।
आपूर्ति श्रृंखलाओं की स्थिरता
उन्होंने यह भी बताया कि आज के परिदृश्य में आपूर्ति श्रृंखलाओं की स्थिरता अत्यधिक महत्वपूर्ण है। वैश्विक स्तर पर व्यापार मार्गों में आ रहे ऊहापोह का उत्पादन और व्यापार पर असर पड़ रहा है। ऐसे समय में, BRICS देशों के बीच आर्थिक समन्वय और सहयोग भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सहायक हो सकता है।
ईरान, लंबे समय से BRICS के भीतर आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रहा है। पेजेशकियान का यह बयान इस बात का संकेत है कि ईरान संगठन को केवल एक राजनीतिक मंच के रूप में नहीं, बल्कि व्यापार और निवेश के लिए एक प्रभावी आर्थिक नेटवर्क के रूप में विकसित करने का समर्थन करता है।
व्यावहारिक स्तर पर सहयोग
BRICS बिजनेस फोरम में व्यापार जगत के प्रतिनिधियों की उपस्थिति के बीच, पेजेशकियान ने आर्थिक सहयोग को व्यावहारिक तरीके से आगे बढ़ाने का महत्व रेखांकित किया। उनके अनुसार, BRICS की संयुक्त आर्थिक ताकत का प्रयोग ठोस कारोबारी परियोजनाओं और निवेश साझेदारियों में होना चाहिए।
उनके बयान को इस समय में विशेष महत्व दिया जा रहा है, जब BRICS अपने वैश्विक प्रभाव को विस्तारित करने की दिशा में ध्यान केंद्रित कर रहा है। सदस्य देशों के बीच व्यापार और वित्तीय सहयोग को बढ़ाना संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि BRICS की सफलता उसकी सामूहिक आर्थिक शक्ति को वास्तविक सहयोग में बदलने की क्षमता पर निर्भर करती है।
अंत में, यह कहना उचित होगा कि BRICS समूह को इस प्रकार की सोच और नीतियों के माध्यम से वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करना चाहिए। ऐसे में, सहयोग और समन्वय BRICS के सदस्य देशों के लिए निस्संदेह फायदेमंद रहेगा।
इसके अतिरिक्त, आर्थिक परिस्थितियों को सुधारने के लिए इन देशों को नियमित रूप से एक-दूसरे के साथ सामंजस्य बैठाना होगा। इससे न केवल BRICS का विकास होगा बल्कि वैश्विक स्तर पर भी इसका सकारात्मक असर पड़ेगा।
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सादर,
टीम द ओड नारी
(नीता वर्मा)
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