हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में नए नियम, बिना जेब के कुर्ते में पुजारी, सीसीटीवी से होगी Monitoring

HARIDWAR: राम मंदिर चढ़ावा चोरी के विवाद के बीच उत्तराखंड के एक मंदिर में पारदर्शिता के लिए अनोखा तरीका अपनाया जा रहा है।  हरिद्वार के प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में चढ़ावे की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए मंदिर ट्रस्ट ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। अब मंदिर में सेवा देने वाले […] The post उत्तराखंड के इस मंदिर में नया नियम लागू, बिना जेब का कुर्ता पहनेंगे पुजारी,  सीसीटीवी कैमरों से होगी लगातार मॉनिटरिंग appeared first on Devbhoomi Dialogue.

Jul 7, 2026 - 00:38
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हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में नए नियम, बिना जेब के कुर्ते में पुजारी, सीसीटीवी से होगी Monitoring
हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में नए नियम, बिना जेब के कुर्ते में पुजारी, सीसीटीवी से होगी Monitoring

हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में नए नियम, बिना जेब के कुर्ते में पुजारी, सीसीटीवी से होगी Monitoring

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर ने न केवल व्यवस्था सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, बल्कि श्रद्धालुओं का विश्वास भी बनाए रखने का प्रयास किया है।

हरिद्वार: राम मंदिर चढ़ावा चोरी के विवाद के बाद पारदर्शिता लाने के लिए उत्तराखंड के मनसा देवी मंदिर ने कुछ अनोखे कदम उठाए हैं। मंदिर ट्रस्ट ने चढ़ावे की व्यवस्था को अधिक ईमानदार और जिम्मेदार बनाने के लिए कई कड़े नियम लागू किए हैं। अब सभी पुजारियों को बिना जेब वाले कुर्ते पहनना अनिवार्य किया गया है, ताकि चढ़ावे में किसी भी गड़बड़ी या अनियमितता की संभावना को कम किया जा सके। इसके साथ ही, चढ़ावे की निगरानी के लिए एक सात सदस्यीय समिति का गठन भी किया गया है जो सीसीटीवी कैमरों की मदद से इस व्यवस्था पर नजर रखेगी।

मंदिर ट्रस्ट की प्राथमिकताएँ

मनसा देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष रविंद्र पुरी ने कहा कि श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखना और मंदिर की गरिमा को सुरक्षित रखने का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा, "किसी एक व्यक्ति की गलती का असर सिर्फ उस व्यक्ति पर नहीं, बल्कि पूरे मंदिर प्रबंधन की छवि पर पड़ता है। इसलिए हमने न केवल नया ड्रेस कोड लागू किया है, बल्कि चढ़ावे की निगरानी के लिए नई प्रणाली भी तैयार की है।"

बिना जेब के कुर्ते में करेंगे सेवा

मंदिर ट्रस्ट के नए नियमों के अनुसार, प्रत्येक पुजारी को बिना जेब वाले कुर्ते में अपनी ड्यूटी निभानी होगी। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य यह है कि चढ़ावे के मामले में किसी भी प्रकार की शंका या विवाद की संभावना को कम किया जा सके। सभी पुजारियों की एक जैसी वेशभूषा न केवल अनुशासन बढ़ाएगी, बल्कि मंदिर की गरिमा को बनाए रखने में भी मदद करेगी।

सीसीटीवी सिस्टम की निगरानी

नई व्यवस्था के तहत, मंदिर परिसर में स्थापित सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से चढ़ावे और उससे जुड़ी सभी गतिविधियों की निरंतर निगरानी की जाएगी। सात सदस्यीय समिति नियमित अंतराल पर इन व्यवस्थाओं की समीक्षा भी करेगी। ट्रस्ट का कहना है कि तकनीक और मानवीय निगरानी के संयोजन से पारदर्शिता में वृद्धि, जवाबदेही सुनिश्चित और श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत होगा।

इस कदम के तहत, यह समिति सुनिश्चित करेगी कि श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाया गया दान सुरक्षित तरीके से संरक्षित हो और उसके प्रबंधन में किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो। अगर आप इस विषय में और जानना चाहते हैं, तो हमारी वेबसाइट पर अवश्य आएं: The Odd Naari.

इस प्रकार के सुधार न केवल मंदिर के संचालन में पारदर्शिता लाते हैं, बल्कि श्रद्धालुओं के विश्वास को भी प्रबल करते हैं। मनसा देवी मंदिर का यह निर्णय निश्चित ही अन्य धार्मिक स्थलों के लिए एक उदाहरण स्थापित करेगा। किसी भी संस्था की सच्चाई और पारदर्शिता उसकी सफलता का मूल मंत्र होती है। हमें उम्मीद है कि इस नई व्यवस्था से श्रद्धालुओं का विश्वास और अधिक मजबूत होगा।

इस लेख को लिखा है, प्रियंका शर्मा - Team The Odd Naari

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