सरकार का बड़ा कदम: भ्रामक विज्ञापनों पर कड़ी कार्रवाई
‘100% नेचुरल’ और ‘100% आटा ब्रेड’ का झूठा दावा करने वाली दो कंपनियों पर लगा जुर्माना नई दिल्ली: क्या कोई कंपनी अपने प्रोडक्ट पर ‘100% नेचुरल’, ‘100% जूस’, या ‘100% आटा ब्रेड’ लिख सकती है, जबकि उसमें पानी, प्रिजर्वेटिव्स (सुरक्षित रखने वाले केमिकल) या सिर्फ 87% गेहूं का आटा मिला हो? देश की केंद्रीय उपभोक्ता […]
सरकार का बड़ा कदम: भ्रामक विज्ञापनों पर कड़ी कार्रवाई
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कम शब्दों में कहें तो, '100% नेचुरल' और '100% आटा ब्रेड' जैसे भ्रामक दावों के चलते दो खाद्य कंपनियों पर कार्रवाई की गई है और उन पर जुर्माना लगाया गया है।
नई दिल्ली: क्या कोई कंपनी अपने प्रोडक्ट पर ऐसे दावे कर सकती है, जबकि उसमें पानी, प्रिजर्वेटिव्स (सुरक्षित रखने वाले रसायन) या केवल 87% गेहूं का आटा मिला हो? केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने इस सवाल का स्पष्ट उत्तर देते हुए दो खाद्य कंपनियों—स्टोरिया फूड्स (Storia Foods) और बेक्टर्स फूड स्पेशलिटीज (Mrs. Bectors Food – English Oven)—पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
CCPA ने इन कंपनियों को आदेश दिया है कि वे तुरंत अपने पैकेट, वेबसाइट और सभी डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से इन झूठे दावों को हटाएं।
क्या हैं कंपनियों के झूठे दावे?
CCPA की जांच, जिसमें मुख्य आयुक्त निधि खरे और आयुक्त अनुपम मिश्रा शामिल थे, ने दोनों कंपनियों के गलत दावों को उजागर किया:
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स्टोरिया फूड्स: कंपनी ने अपने पैकेट पर दावा किया है कि यह ‘100% नेचुरल टेंडर कोकोनट वाटर’ और ‘100% जूस’ बेचती है। लेकिन जांच में यह साबित हुआ कि इसमें नारियल पानी के कॉन्संट्रेट में पानी मिलाया गया था और इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए 'क्लास II प्रिजर्वेटिव' (INS 202) का इस्तेमाल किया गया था।
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इंग्लिश ओवन (बेक्टर्स फूड): इस कंपनी ने अपनी ब्रेड को ‘100% होल व्हीट आटा ब्रेड’ और ‘जीरो मैदा’ टैगलाइन के साथ बेचा। लेकिन लैब टेस्ट से यह प्रमाणित हुआ कि ब्रेड में केवल 87% गेहूं का आटा था, जबकि शेष हिस्सा कुछ और था।
CCPA की प्रमुख टिप्पणी: '100% कोई मार्केटिंग का नारा नहीं है'
CCPA ने मामले की सुनवाई के दौरान विज्ञापनों और पैकेजिंग के बारे में कड़े नियमों को दोहराया:
अंतिम निर्णय: “100% शब्द एक बिल्कुल सटीक, निश्चित और गणितीय संख्या है। कंपनियां इसे ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए लापरवाही से नहीं उपयोग कर सकतीं। यदि किसी कंपनी का दावा है कि प्रोडक्ट 100% शुद्ध है, तो उसमें 1% भी किसी अन्य सामग्री की मिलावट नहीं होनी चाहिए। ऐसा होने पर इसे ग्राहकों के अधिकारों का हनन और भ्रामक विज्ञापन माना जाएगा।”
सरकार की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि अब कंपनियों को अपने उत्पादों की वास्तविक सामग्री (Composition) को ईमानदारी से दर्शाना होगा। कमर्शियल मुनाफे के लिए ग्राहकों को गुमराह करने वाले ऐसे अतिशयोक्तिपूर्ण दावों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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— Team The Odd Naari
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