दून के मदरसों में बिहार से लाए गए बच्चों का विवाद: शासन की सख्त कार्रवाई की तैयारी
The post दून के मदरसों में बिहार से लाए गए बच्चों के मामले ने तूल पकड़ा appeared first on Avikal Uttarakhand. मदरसों में पढ़ाने के लिए बिहार से लाये गए बच्चे पूरे प्रदेश में वेरिफिकेशन अभियान, नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई तय अविकल उत्तराखण्ड देहरादून। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक… The post दून के मदरसों में बिहार से लाए गए बच्चों के मामले ने तूल पकड़ा appeared first on Avikal Uttarakhand.
दून के मदरसों में बिहार से लाए गए बच्चों का विवाद: शासन की सख्त कार्रवाई की तैयारी
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के दून क्षेत्र में मदरसों में बिहार से लाए गए बच्चों का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच और सत्यापन अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है।
देहरादून से मिली जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद शासन ने इस मामले पर सख्त ध्यान दिया है। इसमें बाहरी राज्यों से लाए गए बच्चों के संबंध में संकेत दिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि बच्चों की सुरक्षा, पारदर्शिता और नियमानुसार कार्यवाही सरकार की प्राथमिकता है।
सरकार की ओर से उठाए गए कदम
मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो कठोर कदम उठाए जाएंगे। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जनपदों में व्यापक सत्यापन अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस जांच में बच्चों के आने के स्रोत, अभिभावकों की सहमति, और उन्हें लाने वाले लोगों की भूमिका की भी गहन पड़ताल की जाएगी।
मदरसों में निरीक्षण और सत्यापन
प्रदेश में वर्तमान में 452 पंजीकृत मदरसे संचालित हैं। मदरसों का यह सत्यापन अभियान उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम 2025 के तहत शुरू किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि इस अधिनियम के अंतर्गत 1 जुलाई 2026 से मदरसा बोर्ड का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा और सभी मदरसों को उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड से संबद्धता प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो
इस मामले पर और जानकारी के लिए, आप सोशल मीडिया में प्रसारित वीडियो देख सकते हैं: यहाँ क्लिक करें.
निष्कर्ष
यह मामला इस बात का संकेत है कि सरकार मदरसों में बच्चों की सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर कितनी गंभीर है। आने वाले दिनों में इस विषय पर और भी विस्तृत जानकारी प्राप्त होगी, जिसका सभी को इंतजार है। ऐसे में, यह देखना होगा कि क्या शासन द्वारा बताए गए कदम वास्तव में धरातल पर प्रभाव डालेंगे या नहीं।
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सादर, टीम द ओड नारी - सुष्मिता शर्मा
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