ऋषिकेश में तीन अवैध निर्माणों पर कार्रवाई, भवन सील
The post ऋषिकेश में तीन निर्माणाधीन भवन सील appeared first on Avikal Uttarakhand. बिना स्वीकृति निर्माण करने वालों पर सख्त कार्रवाई अविकल उत्तराखंड देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने ऋषिकेश क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन निर्माणाधीन भवनों… The post ऋषिकेश में तीन निर्माणाधीन भवन सील appeared first on Avikal Uttarakhand.
ऋषिकेश में तीन अवैध निर्माणों पर कार्रवाई, भवन सील
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कम शब्दों में कहें तो, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने ऋषिकेश क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए तीन निर्माणाधीन भवनों को सील कर दिया है।
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणकर्ताओं के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाते हुए ऋषिकेश क्षेत्र में तीन निर्माणाधीन भवनों को सील कर दिया है। इस कार्रवाई ने अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मचा दिया है। एमडीडीए ने स्पष्ट रूप से बताया है कि बिना स्वीकृत निर्माण मानचित्र और आवश्यक अनुमति के किसी भी प्रकार के निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सुनियोजित विकास के लिए सख्त अभियान
भ्रष्टाचार और अनधिकृत निर्माण गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के दृष्टिकोण के अंतर्गत, एमडीडीए लगातार कार्रवाई में जुटा हुआ है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देशन में प्रवर्तन टीम ने ऋषिकेश क्षेत्र में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। इस निरीक्षण के दौरान कई निर्माण कार्य नियमों के विपरीत संचालित पाए गए, जिन पर तुरंत कार्रवाई की गई।
व्यावसायिक निर्माण पर कार्रवाई
एमडीडीए की कार्रवाई के तहत लक्कड़घाट रोड स्थित श्रीराम रेजीडेंसी के निकट निर्मल बाग क्षेत्र में अंकित रावत द्वारा किए जा रहे व्यावसायिक निर्माण का निरीक्षण किया गया। जांच में पाया गया कि यह निर्माण प्राधिकरण की स्वीकृति के बिना जारी था। नियमों के उल्लंघन को देखते हुए टीम ने मौके पर ही भवन को सील कर दिया।
निर्मल बाग ब्लॉक-बी में कार्रवाई
इसके बाद, एमडीडीए की टीम ने निर्मल बाग ब्लॉक-बी विस्थापित क्षेत्र की गली नंबर-10 में शशि कुमार गौड़ द्वारा किए जा रहे अनधिकृत निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। यहां भी निर्माण कार्य को बिना अनुमति पाया गया, जिसके चलते इस निर्माण को भी त्वरित रूप से सील किया गया।
गुमानीवाला में तीसरा निर्माण
ऋषिकेश क्षेत्र में नागराजा मंदिर के निकट साहाब सिंह रमोला द्वारा किए जा रहे व्यावसायिक निर्माण पर भी एमडीडीए का ध्यान गया। निरीक्षण के दौरान यह भी बिना स्वीकृति का पाया गया। इसलिए प्रवर्तन टीम ने इसे भी सील कर दिया।
नियमों का उल्लंघन गंभीर समस्या
उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973) के तहत बिना स्वीकृत मानचित्र और विकास अनुमति के निर्माण कार्य करना कानून का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में सीलिंग, ध्वस्तीकरण और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। एमडीडीए ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखी जाएगी।
नागरिकों से नियमों के पालन की अपील
प्राधिकरण ने सभी नागरिकों, भू-स्वामियों, और निर्माणकर्ताओं से अपील की है कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करें। इससे न केवल आपको आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकेगा, बल्कि कानूनी कार्रवाई की स्थिति से भी बचा जा सकेगा। एमडीडीए का कहना है कि सुनियोजित और व्यवस्थित शहरी विकास के लिए नियमों का पालन आवश्यक है।
कार्रवाई पुलिस बल की मौजूदगी में हुई
यह कार्रवाई सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, प्रमोद मेहरा, राजेंद्र बहुगुणा, अवर अभियंताओं, एमडीडीए की प्रवर्तन टीम एवं पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न हुई। अधिकारियों का कहना है कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
बंशीधर तिवारी ने कहा कि हमारे लक्ष्य के तहत उपयुक्त और सुरक्षित शहरी विकास सुनिश्चित करना है। सील की गई निर्माणों पर आवश्यक स्वीकृतियों का लाभ नहीं लिया गया था और हमने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे अपने निर्माण कार्य शुरू करने से पहले एमडीडीए से अनुमति प्राप्त करें।
अंतिम रूप से, यह स्पष्ट हो गया है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। एमडीडीए शहर के सुव्यवस्थित विकास के प्रति प्रतिबद्ध है।
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सादर,
टीम द ओड नारी
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