उत्तराखंड में मातृ रेफरल ट्रैकिंग, मॉनिटरिंग एवं ऑडिट प्रणाली का कार्यान्वयन

The post उत्तराखंड में मातृ रेफरल ट्रैकिंग, मॉनिटरिंग व ऑडिट प्रणाली लागू होगी appeared first on Avikal Uttarakhand. अविकल उत्तराखण्ड देहरादून। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), उत्तराखंड के मिशन निदेशक डॉ. संदीप तिवारी की अध्यक्षता में आज “मातृ रेफरल ट्रैकिंग, मॉनिटरिंग एवं ऑडिट सिस्टम” विषय पर एक महत्वपूर्ण बैठक… The post उत्तराखंड में मातृ रेफरल ट्रैकिंग, मॉनिटरिंग व ऑडिट प्रणाली लागू होगी appeared first on Avikal Uttarakhand.

Jun 21, 2026 - 00:38
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उत्तराखंड में मातृ रेफरल ट्रैकिंग, मॉनिटरिंग एवं ऑडिट प्रणाली का कार्यान्वयन
उत्तराखंड में मातृ रेफरल ट्रैकिंग, मॉनिटरिंग एवं ऑडिट प्रणाली का कार्यान्वयन

उत्तराखंड में मातृ रेफरल ट्रैकिंग, मॉनिटरिंग एवं ऑडिट प्रणाली का कार्यान्वयन

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड ने मातृ रेफरल प्रणाली को मजबूती देने के लिए एक नई प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। यह प्रणाली गर्भवती महिलाओं की बेहतर देखभाल एवं सुरक्षित मातृत्व के लिए महत्वपूर्ण है।

अविकल उत्तराखण्ड, देहरादून। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), उत्तराखंड के मिशन निदेशक डॉ. संदीप तिवारी की अध्यक्षता में आज “मातृ रेफरल ट्रैकिंग, मॉनिटरिंग एवं ऑडिट सिस्टम” विषय पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न विशेषज्ञों और स्वास्थ्य अधिकारियों ने भाग लिया, जिन्होंने मातृ रेफरल प्रणाली की आवश्यकताओं और सुधारों पर गहन चर्चा की।

बैठक का मुख्य उद्देश्य

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मातृ रेफरल प्रणाली को सुदृढ़ बनाना है, ताकि गर्भवती महिलाओं को रेफर करने से पहले उचित स्थिरीकरण, प्रभावी संवाद व्यवस्था और सही ट्रैकिंग प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके। विशेषज्ञों द्वारा प्राप्त तकनीकी सुझावों को शामिल करते हुए जल्द ही आवश्यक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) को लागू करने का निर्णय लिया गया। यह SOP सभी सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचेगी, जो प्रसव सेवाएं प्रदान कर रही हैं।

उपस्थित विशेषज्ञों का योगदान

बैठक में उपस्थित विशेषज्ञों में डॉ. अजय आर्य (निदेशक चिकित्सा शिक्षा), डॉ. रश्मि पंत (निदेशक एनएचएम उत्तराखंड), डॉ. मनोज (मुख्य चिकित्सा अधिकारी, देहरादून) एवं अन्य प्रमुख स्वास्थ्य अधिकारी शामिल थे। उन्होंने मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए विभिन्न उपायों पर चर्चा की।

प्रस्तावित SOP एवं उनकी विशेषताएँ

प्रस्तावित SOP के तहत सभी मातृ केस के लिए Advance Communication System को अनिवार्य किया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि रेफरल प्रक्रिया से पहले उच्च स्तर की स्वास्थ्य संस्थान को सूचना दी जाए, जिससे आवश्यक तैयारियाँ सुनिश्चित की जा सकें। प्रत्येक मातृ केस की व्यवस्थित ट्रैकिंग और ऑडिट की जाएगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में मौजूद कमियों की पहचान और सुधारात्मक कार्रवाई की जा सकेगी।

मिशन निदेशक की टिप्पणियाँ

इस अवसर पर मिशन निदेशक डॉ. संदीप तिवारी ने कहा कि मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए एक प्रभावी रेफरल प्रणाली की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी सुझावों को SOP में शामिल करते हुए इसके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। यह प्रणाली स्वास्थ्य संस्थानों में समन्वय को मजबूती प्रदान करेगी और मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाएगी।

निष्कर्ष

यह पहल स्वास्थ्य संस्थानों के बीच समन्वय और आपातकालीन प्रसूति सेवाओं तक समयबद्ध पहुंच सुनिश्चित करने में मददगार होगी। साथ ही, मातृ मृत्यु दर में कमी लाने और गंभीर जटिलताओं की रोकथाम के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे। मातृ स्वास्थ्य में सुधार के प्रयास राज्य की विकासशील स्वास्थ्य प्रणाली के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।

बैठक के अंत में विशेषज्ञों द्वारा प्राप्त सुझावों के आधार पर SOP तैयार किए जाने के निर्णय से यह स्पष्ट है कि उत्तराखंड मातृ स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध है।

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सादर,
शिवानी मेहरा
Team The Odd Naari

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