28 दिन के रिचार्ज से मिलेगी राहत?
ट्राई के नए नियम से बदल सकता है मोबाइल प्लान का गणित नई दिल्ली। भारत में मोबाइल ग्राहकों के लिए 28 दिन की वैधता वाले रिचार्ज लंबे समय से चर्चा का विषय रहे हैं। 12 महीने के साल में 28-28 दिन के हिसाब से रिचार्ज करने पर ग्राहकों को 365 दिनों की सेवा के लिए […]

ट्राई के नए नियम से बदल सकता है मोबाइल प्लान का गणित
नई दिल्ली। भारत में मोबाइल ग्राहकों के लिए 28 दिन की वैधता वाले रिचार्ज लंबे समय से चर्चा का विषय रहे हैं। 12 महीने के साल में 28-28 दिन के हिसाब से रिचार्ज करने पर ग्राहकों को 365 दिनों की सेवा के लिए 13 बार रिचार्ज कराना पड़ता है। इससे उपभोक्ताओं पर साल में एक अतिरिक्त रिचार्ज का खर्च पड़ता है।
अब भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण के नए नियमों से मोबाइल रिचार्ज की वैधता और कीमत का गणित बदलने की संभावना है।
ट्राई ने लागू किया नया संशोधन
ट्राई ने दूरसंचार उपभोक्ता संरक्षण (तेरहवां संशोधन) विनियम, 2026 लागू किया है। इसके तहत दूरसंचार कंपनियों के लिए केवल आवाज और संदेश सेवा वाले विशेष टैरिफ वाउचर उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है।
नए नियमों के अनुसार, इन वाउचर की वैधता डेटा वाले बंडल प्लान के अनुरूप रखी जानी होगी। साथ ही, जो ग्राहक डेटा सेवा नहीं लेना चाहते हैं, उनके लिए टैरिफ में आनुपातिक कटौती करने का प्रावधान भी किया गया है।
300 रुपये के रिचार्ज पर ऐसे समझें गणित
मान लीजिए किसी ग्राहक का 300 रुपये का रिचार्ज 28 दिनों के लिए है। 365 दिनों की सेवा के लिए उसे साल में 13 बार रिचार्ज कराना पड़ेगा। इस हिसाब से उसका सालाना खर्च 3,900 रुपये होगा।
अगर यही 300 रुपये का रिचार्ज 30 दिनों की वैधता के साथ उपलब्ध होता है, तो ग्राहक को साल में 12 रिचार्ज ही कराने पड़ेंगे। ऐसे में उसका कुल वार्षिक खर्च 3,600 रुपये रह जाएगा।
इस तरह ग्राहक के सालाना खर्च में 300 रुपये की बचत हो सकती है। यह करीब 7.7 प्रतिशत की बचत के बराबर होगी।
250 रुपये के प्लान में भी बचत संभव
इसी तरह, अगर 250 रुपये के रिचार्ज की वैधता 28 दिन से बढ़ाकर 30 दिन कर दी जाती है, तो साल में 13 रिचार्ज की जगह 12 रिचार्ज की जरूरत होगी। इससे सालाना खर्च 3,250 रुपये से घटकर 3,000 रुपये हो सकता है और ग्राहक को 250 रुपये की बचत होगी।
हालांकि, यह बचत तभी संभव होगी जब दूरसंचार कंपनियां 30 दिनों की वैधता वाला प्लान उसी कीमत पर उपलब्ध कराएं। यानी वास्तविक बचत संबंधित कंपनियों के रिचार्ज प्लान और उनकी कीमतों पर निर्भर करेगी।
ट्राई के नए प्रावधानों का उद्देश्य अलग-अलग जरूरत वाले मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ विकल्पों को अधिक स्पष्ट और उपयुक्त बनाना है।
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