मसूरी सीट पर सुनील गामा ने उठाया बड़ा दावा, कहा ये सीट भाजपा की है, गणेश जोशी की नहीं
DEHRADUN: अब तक कांग्रेस के कलह को दूर से देख रही भाजपा को भी अब कई जगहों पर अपने ही नेताओं के बीच घमासान देखनो को मिल सकता है। मसूरी विधानसभा पर भी इसी तर्ज पर सियासत गर्म हो गई है। इस बार मुकाबला सिर्फ विपक्ष से नहीं, बल्कि भाजपा के भीतर ही तेज होता […] The post मसूरी सीट पर सुनील गामा ने ठोका दावा, कहा ये सीट गणेश जोशी की नहीं, भाजपा की है appeared first on Devbhoomi Dialogue.
मसूरी सीट पर सुनील गामा ने उठाया बड़ा दावा, कहा ये सीट भाजपा की है, गणेश जोशी की नहीं
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - The Odd Naari
कम शब्दों में कहें तो, देहरादून के पूर्व मेयर सुनील गामा ने मसूरी विधानसभा सीट को लेकर गणेश जोशी को चुनौती दी है। इस टकराव ने भाजपा के भीतर सियासी हलचल को और बढ़ा दिया है।
DEHRADUN: उत्तराखंड की राजनीति में इस समय एक नया घमासान देखने को मिल रहा है। जहां कांग्रेस के भीतर कलह की हलचल है, वहीं भाजपा के अंदर भी अब नेताओं के बीच प्रतिस्पर्धा गहराने लगी है। मसूरी विधानसभा सीट पर पूर्व मेयर सुनील उनियाल गामा ने एक राजनीतिक चुनौती देकर भाजपा में हलचल मचा दी है। गामा ने स्पष्ट किया है कि वह इस बार विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं और उनकी मंशा है कि भाजपा उन्हें टिकट दे।
सुनील गामा ने क्या कहा?
गामा ने अपने विचारों को बयां करते हुए कहा, "यह सीट किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि भाजपा की है।" उनका यह बयान केवल एक सामान्य बयान नहीं है, बल्कि यह गणेश जोशी की स्थिति को सीधे चुनौती देता है। गामा ने कहा कि अगर पार्टी उन्हें टिकट देती है, तो वह इसे जीतने का भी भरोसा दिलाते हैं।
गणेश जोशी की स्थिति
गणेश जोशी चार बार के विधायक और कैबिनेट मंत्री हैं। उनकी मसूरी में एक मजबूत पकड़ है, हालांकि इस बार एंटी-इनकम्बेंसी फैक्टर भी देखने को मिल रहा है। पिछले कुछ समय में जोशी पर आय से अधिक संपत्ति और उद्यान घोटाले जैसे आरोप लगे हैं, जिनसे उनकी छवि पर नकारात्मक असर पड़ा है। फिर भी, वह कैबिनेट में अपनी जगह बनाए रखने में सफल रहे हैं।
राजनीतिक स्थिति
गामा की चुनौती से भाजपा को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा है। वहीं कांग्रेस भी इस बार मसूरी से नया चेहरा उतारने के मूड में है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प है कि क्या भाजपा भी गणेश जोशी को टिकट देने के बजाय किसी नए चेहरे को टिकट देने पर विचार करेगी। अगर ऐसा हुआ, तो निश्चित रूप से जोशी का टिकट कटना तय है।
समाप्ति विचार
इस प्रकार, मसूरी में चल रहे राजनीतिक ड्रामे ने यह सिद्ध कर दिया है कि प्रदेश की सियासत में किसी भी समय कोई भी बदलाव आ सकता है। एक ओर जहां गामा ने अपनी मंशा स्पष्ट की है, वहीं पार्टी के भीतर की प्रतिस्पर्धा भी भविष्य में दिलचस्प मोड़ ले सकती है।
अधिक अपडेट के लिए, कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएँ।
सादर,
टीम द ओड नारी
श्रुति शर्मा
What's Your Reaction?