बिहार के सरकारी स्कूलों के रसोइयों के लिए 'पे-आईडी' अनिवार्य, मानदेय में देरी का खतरा

 अब अनिवार्य होगी ‘पे-आईडी’, दस्तावेज जमा न करने पर अटक सकता है मानदेय दारौंदा (सिवान)। बिहार के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों (मिड-डे मील वर्कर्स) के लिए शिक्षा विभाग ने एक नया और कड़ा निर्देश जारी किया है। विभाग ने सभी रसोइयों के मानदेय भुगतान को अधिक व्यवस्थित करने के लिए उनकी पे-आईडी (Pay ID) […]

Jun 26, 2026 - 18:38
 124  5.3k
बिहार के सरकारी स्कूलों के रसोइयों के लिए 'पे-आईडी' अनिवार्य, मानदेय में देरी का खतरा
बिहार के सरकारी स्कूलों के रसोइयों के लिए 'पे-आईडी' अनिवार्य, मानदेय में देरी का खतरा

बिहार के सरकारी स्कूलों के रसोइयों के लिए 'पे-आईडी' अनिवार्य, मानदेय में देरी का खतरा

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - The Odd Naari

कम शब्दों में कहें तो: अब बिहार के सरकारी स्कूलों में काम करने वाले रसोइयों के लिए ‘पे-आईडी’ बनाना अनिवार्य हो गया है। दस्तावेज़ जमा नहीं करने पर रसोइयों का मानदेय प्रभावित हो सकता है।

दारौंदा (सिवान)। बिहार के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों (मिड-डे मील वर्कर्स) के लिए शिक्षा विभाग ने एक नया और महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। इस निर्देश के तहत, सभी रसोइयों के मानदेय भुगतान को सुचारु और व्यवस्थित बनाने हेतु उनकी पे-आईडी (Pay ID) बनाने की प्रक्रिया को शुरू किया जा रहा है। यह निर्देश सभी सरकारी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को जारी किया गया है, जिसमें उन्हें अपने यहाँ कार्यरत रसोइयों से आवश्यक दस्तावेज जमा कराने का आदेश दिया गया है।

ये दस्तावेज जमा करना होगा अनिवार्य

शिक्षा विभाग के इस नए आदेश के अनुसार, पे-आईडी जनरेट करने के लिए रसोइयों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण दस्तावेजों की छायाप्रति (Photocopy) अपने स्कूल में जमा करनी होगी:

  1. पहचान और पता प्रमाण पत्र (जैसे आधार कार्ड)
  2. पैन कार्ड (PAN Card)
  3. बैंक पासबुक की कॉपी

विद्यालय के प्रधानों (प्रिंसिपल्स) को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि वे इन सभी दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन (Verification) करें और उन्हें स्कूल के आधिकारिक रिकॉर्ड में सुरक्षित रखें।

लापरवाही पर अटका सकता है मानदेय

शिक्षा विभाग ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि जिन रसोइयों के पास आवश्यक दस्तावेज नहीं होंगे, उनकी पे-आईडी नहीं बन सकेगी। ऐसे में, उनका मानदेय (पारिश्रमिक) का डिजिटल भुगतान पूरी तरह से रुक सकता है। विभाग ने उन रसोइयों को जिनके दस्तावेज अधूरे या त्रुटिपूर्ण हैं, उन्हें जल्द से जल्द ठीक कराने की सलाह दी है।

डिजिटल और पारदर्शी होगी भुगतान व्यवस्था

नई व्यवस्था लागू करने का मुख्य उद्देश्य रसोइयों को मिलने वाले मानदेय की प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल, सुरक्षित और पारदर्शी (Transparent) बनाना है। पे-आईडी बनने के बाद:

  • रसोइयों के बैंक खातों में सीधे और समय पर पैसा ट्रांसफर हो सकेगा।
  • भुगतान प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी और सरकारी रिकॉर्ड का रखरखाव आसान हो जाएगा।
  • कागजी लेटलतीफी और मानदेय भुगतान में होने वाली तकनीकी समस्याओं से पूरी तरह छुटकारा मिलेगा।

स्कूलों में तेज हुई प्रक्रिया

इस विभागीय आदेश के तुरंत बाद, सिवान जिले के दारौंदा प्रखंड सहित पूरे राज्य के सरकारी विद्यालयों में रसोइयों से दस्तावेज जुटाने का कार्य तेजी से शुरू हो गया है। स्कूल प्रबंधन लगातार रसोइयों से समय पर कागजात जमा करने की अपील कर रहा है, ताकि निर्धारित समय के भीतर पे-आईडी बनाने का कार्य पूरा किया जा सके। इस प्रक्रिया में यदि कोई भी लापरवाही होती है, तो उसके परिणाम रसोइयों के मानदेय पर पड़ सकते हैं।

रसोइयों की यह नई व्यवस्था न केवल उनकी भुगतान प्रक्रिया को आसान बनाएगी, बल्कि इससे transparency भी बढ़ेगी।

रसोइयों के समुदाय से निवेदन है कि वे समय पर अपना सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करें ताकि उन पर कोई adverse effect न पड़े।

अधिक अपडेट्स के लिए, यहां पर जाएं: The Odd Naari

Signed by: Rekha Sharma, Team The Odd Naari

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow