नगरासू गुरुद्वारे में तनाव: बंधक बनाने और मारपीट के गंभीर आरोपों से क्षेत्र में हड़कंप
रुद्रप्रयाग। कर्णप्रयाग विवाद के बाद अब रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारे को लेकर नया विवाद सामने आया है। गुरुद्वारे की छत पर कुछ निहंग सिखों के डटे रहने से क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। घटना के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद प्रशासन और पुलिस द्वारा किए जा रहे […] The post नगरासू गुरुद्वारे में घमासान: कब्जे, मारपीट और बंधक बनाने के आरोपों से मचा हड़कंप appeared first on Uttarakhand Broadcast.
नगरासू गुरुद्वारे में तनाव: बंधक बनाने और मारपीट के गंभीर आरोपों से क्षेत्र में हड़कंप
रुद्रप्रयाग। कर्णप्रयाग विवाद के बाद अब रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारे में एक नया विवाद उत्पन्न हो गया है। इस विवाद के चलते गुरुद्वारे की छत पर कुछ निहंग सिखों का डेरा जमा लेने से आसपास का माहौल तनावपूर्ण हो गया है। घटना के 24 घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद पुलिस और प्रशासन की वार्ता और समझाइश के प्रयास अब तक असफल रहे हैं।
कम शब्दों में कहें तो यह स्थिति अभी भी बेकाबू है।
ऐसी घटनाएँ न केवल स्थानीय लोगों को बल्कि श्रद्धालुओं को भी प्रभावित कर रही हैं।
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गुरुद्वारा प्रबंधन की गंभीर आरोप
गुरुद्वारा के संचालक बेहंत सिंह ने एक पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया है कि छत पर मौजूद लोग किसी मान्यता प्राप्त निहंग संगठन या पंजीकृत समिति से संबंधित नहीं हैं। उनके अनुसार, ऐसे लोग अपने आक्रामक व्यवहार से श्रद्धालुओं तथा स्थानीय निवासियों में भय का माहौल पैदा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कुछ लोग बाइक और पैदल गुरुद्वारे पहुंचे और आते ही सेवादारों के साथ झगड़ा शुरू कर दिया।
आरोप है कि इन व्यक्तियों ने अभद्र व्यवहार किया, जिसके कारण तनाव और बढ़ गया।
कब्जे और मारपीट का आरोप
गुरुद्वारा प्रबंधन ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित लोगों ने परिसर में कब्जा जमाने की कोशिश की और एक बाबा के साथ मारपीट की। इस संदर्भ में सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया। समस्या की गंभीरता को देखते हुए यह कार्रवाई की गई।
बुजुर्ग को बंधक बनाने का गंभीर दावा
प्रबंधन ने यह भी दावा किया है कि छत पर मौजूद व्यक्तियों ने दो लोगों को अपने कब्जे में लिया था। इनमें से एक युवक को तो मुक्त कर लिया गया, लेकिन लगभग 60 वर्षीय एक बुजुर्ग अब भी उनकी पकड़ में हैं। हालाँकि, इस मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, मगर प्रशासन इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है।
सोलर सिस्टम में तोड़फोड़ और पानी की सप्लाई बाधित करने का आरोप
गुरुद्वारा के संचालक बेहंत सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि उपरोक्त व्यक्तियों ने गुरुद्वारे के सोलर सिस्टम को नुकसान पहुँचाया है और पानी की सप्लाई भी बाधित कर दी है। इससे न केवल श्रद्धालुओं बल्कि प्रबंधन को बड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने भी व्यक्तिगत रूप से फोन पर बातचीत कर उन लोगों से नीचे उतरने और विवाद समाप्त करने की अपील की, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है।
तीन निहंग सिखों की रिहाई की मांग
ज्ञात हो कि छत पर मौजूद लोगों की प्रमुख मांगों में कर्णप्रयाग विवाद के बाद जेल भेजे गए तीन निहंग सिखों की रिहाई भी शामिल है। प्रशासन ने उनकी मांगों को सुनने और समाधान का आश्वासन दिया है, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं निकल पाया है।
कर्णप्रयाग विवाद के बाद बढ़ी संवेदनशीलता
16 जून को कर्णप्रयाग में हुए विवाद के परिणामस्वरूप पूरे क्षेत्र में स्थिति काफी संवेदनशील बन गई है। ऐसे में नगरासू गुरुद्वारे का यह मामला प्रशासन के लिए एक नई चुनौती का सामना करने के रूप में सामने आया है।
स्थानीय लोगों में बढ़ती चिंता
लगातार जारी गतिरोध के कारण स्थानीय निवासियों में चिंता बढ़ रही है। वे इस बात को लेकर चिंतित हैं कि इस मामले का जल्दी से जल्दी शांतिपूर्ण समाधान होना चाहिए, ताकि सामान्य स्थिति बहाल हो सके और किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और बातचीत के माध्यम से विवाद को सुलझाने के प्रयास लगातार जारी हैं।
इस प्रकार, नगरासू गुरुद्वारे का यह मामला न केवल प्रबंधन के लिए गंभीर चुनौती बन गया है, बल्कि यह स्थानीय समुदाय के लिए भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। इस तरह की घटनाएँ हमें यह याद दिलाती हैं कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और शांति को बनाए रखना कितना आवश्यक है।
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सादर, टीम द ओड नारी राधिका शर्मा
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