कुमाऊँ-गढ़वाल के लिए ऐतिहासिक पुल, 26 करोड़ का धनगढ़ी पुल निर्माण पूर्ण

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Jul 6, 2026 - 00:38
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कुमाऊँ-गढ़वाल के लिए ऐतिहासिक पुल, 26 करोड़ का धनगढ़ी पुल निर्माण पूर्ण
कुमाऊँ-गढ़वाल के लिए ऐतिहासिक पुल, 26 करोड़ का धनगढ़ी पुल निर्माण पूर्ण

कुमाऊँ-गढ़वाल के लिए ऐतिहासिक पुल, 26 करोड़ का धनगढ़ी पुल निर्माण पूर्ण

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कम शब्दों में कहें तो, कुमाऊँ और गढ़वाल के बीच 26 करोड़ रुपये की लागत से बना धनगढ़ी पुल अब जनता के लिए खुल चुका है, जिससे क्षेत्र में आवागमन की समस्याओं का स्थायी समाधान मिल गया है।

रामनगर शहर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को 220.90 मीटर लंबे और प्री-स्ट्रेस्ड गर्डर से युक्त धनगढ़ी पुल का लोकार्पण किया। यह पुल राष्ट्रीय राजमार्ग 309 पर स्थित है और कुमाऊँ और गढ़वाल मंडलों के लिए एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है।

धनगढ़ी सेतु का महत्व

धनगढ़ी पुल का निर्माण इंगित करता है कि यह क्षेत्र की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह पुल काशीपुर-रामनगर-मार्चुला-बुवाखाल मार्ग को जोड़ता है, जो न केवल स्थानीय जनता के लिए, बल्कि पर्यटकों के लिए भी महत्वपूर्ण है। यह जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान का प्रमुख प्रवेश द्वार है, जिससे पर्यटन के अवसर भी बढ़ेंगे।

बरसाती समस्याओं का स्थायी समाधान

धनगढ़ी नाले में बारिश के दौरान जलस्तर बढ़ने से अक्सर मार्ग अवरुद्ध हो जाता था, जिससे यात्रियों और आपातकालीन सेवाओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। नए पुल के निर्माण से अब इस समस्या का स्थायी समाधान हो गया है, जिससे पर्यावरण संतुलन और वन्यजीव संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

धनगढ़ी पुल का उद्घाटन

मुख्यमंत्री का संबोधन

मुख्यमंत्री धामी ने संबोधित करते हुए कहा, "यह पुल केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि क्षेत्रवासियों की वर्षों की मेहनत और संघर्ष का परिणाम है। बरसात में यदि जलस्तर बढ़ता था, तो यह जनजीवन को प्रभावित करता था। अब हम इस समस्या का स्थायी समाधान कर चुके हैं।"

प्रौद्योगिकी और सुरक्षा

धनगढ़ी पुल निर्माण में तकनीकी मानकों का ध्यान रखते हुए काम किया गया। पुल के पिलरों को रीडिज़ाइन किया गया और उनकी ऊँचाई को बढ़ाया गया, ताकि पर्यावरणीय स्थिरता और वन्य जीवों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

स्थानीय विकास और पर्यटन को मिलेगी नई गति

धनगढ़ी पुल के साथ-साथ पनौद पुल भी लगभग तैयार है, जिसका निर्माण 18.43 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। ये दोनों पुल स्थानीय अर्थव्यवस्था, व्यापार और पर्यटन को नई गति प्रदान करेंगे। चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान जाने वाले पर्यटकों को भी लाभ होगा।

सरकारी प्रयासों की समीक्षा

मुख्यमंत्री धामी ने हर क्षेत्र में विकास के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना है। आधुनिक सड़कें, मजबूत पुल और अन्य बुनियादी ढाँचे का निर्माण इसी दिशा में एक कार्य है।

विशेषज्ञों की राय

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने भी इस पुल के निर्माण को सराहा और कहा कि यह क्षेत्र में सुरक्षित और निर्बाध यातायात सुनिश्चित करेगा। इसके साथ ही, उन्होंने क्षेत्र की विकास योजनाओं के लिए सभी संबंधित अधिकारियों और श्रमिकों का आभार व्यक्त किया।

आगे की योजनाएँ

मुख्यमंत्री ने रामनगर क्षेत्र के वन खत्तों में निवासरत परिवारों की समस्याओं के समाधान का भी आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि अन्य महत्त्वपूर्ण मोटर मार्गों के चौड़ीकरण हेतु भी प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं।

कार्यक्रम के अंत में, मुख्यमंत्री ने गर्जिया देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

इस तरह, धनगढ़ी पुल का उद्घाटन केवल बुनियादी ढाँचे का विस्तार नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय जनता के जीवन में खुशहाली लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उम्मीद है कि यह पुल आने वाले समय में विकास और खुशहाली की नई राह दिखाएगा।

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सादर,
टीम द ऑड नारी

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