किसानों का गुस्सा: भालुओं से फसलों के नुकसान पर RRP का वन विभाग मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन

देहरादून में भालुओं द्वारा किसानों की फसलों को लगातार पहुंचाए जा रहे नुकसान के खिलाफ राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी (RRP) ने शुक्रवार को वन विभाग मुख्यालय, राजपुर रोड पर जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने अनोखे अंदाज में भालू की वेशभूषा पहनकर प्रदर्शन किया और वाइल्डलाइफ वार्डन विवेक पांडे के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी […] The post Breaking: भालुओं से फसल नुकसान पर फूटा किसानों का गुस्सा, RRP का वन विभाग मुख्यालय पर अनोखा प्रदर्शन appeared first on Uttarakhand Broadcast.

May 15, 2026 - 18:38
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किसानों का गुस्सा: भालुओं से फसलों के नुकसान पर RRP का वन विभाग मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन
किसानों का गुस्सा: भालुओं से फसलों के नुकसान पर RRP का वन विभाग मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन

किसानों का गुस्सा: भालुओं से फसलों के नुकसान पर RRP का वन विभाग मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन

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कम शब्दों में कहें तो देहरादून में भालुओं के कारण फसलों को हो रहे नुकसान के खिलाफ राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी (RRP) ने वन विभाग मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया है।

इस प्रदर्शन में भाग लेते हुए RRP कार्यकर्ताओं ने विशेष रूप से भालू की वेशभूषा धारण करके अपनी मांगों को और भी प्रमुखता दी। शुक्रवार को राजपुर रोड पर आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान, पार्टी ने वन्यजीव वार्डन विवेक पांडे के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भी सौंपा।

किसानों की समस्याओं पर जोर

प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने राज्य सरकार और वन विभाग पर किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि भालुओं द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाने पर किसानों को मुआवज़ा देने का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है, जबकि अन्य वन्यजीवों के कारण होने वाले नुकसान के लिए मुआवज़ा मिलता है।

प्रयत्न करते हुए पार्टी नेताओं ने एक स्थानीय समाचार पत्र में प्रकाशित एक रिपोर्ट का संदर्भ दिया, जिसमें प्रमुख वन संरक्षक रंजन मिश्रा ने स्वीकार किया था कि भालुओं द्वारा फसल क्षति के लिए मुआवज़ा देने की व्यवस्था अभी भी लागू नहीं की गई है।

परिषद नेताओं की चिंताएं

राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल ने कहा, "पहाड़ के किसानों को पहले से ही कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अब जंगली भालुओं द्वारा फसलों को बर्बाद करने से उनकी आर्थिक स्थिति और खराब होती जा रही है।" उन्होंने यह भी कहा कि अगर इंसानों को नुकसान होने पर मुआवज़ा दिया जा सकता है, तो किसानों की फसल बर्बाद होने पर राहत क्यों नहीं दी जा रही?

प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल ने सरकार की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, "यदि मुआवज़ा नीति जल्दी लागू नहीं की गई, तो पार्टी पूरे उत्तराखंड में बड़ा आंदोलन करेगी।" यह स्पष्ट रूप से एक चेतावनी है कि किसानों की समस्याओं की अनदेखी की गई तो परिणाम गंभीर हो सकते हैं।

आवश्यक कदम उठाने की मांग

जिला अध्यक्ष नवीन पंत ने इस बात पर प्रकाश डाला कि वन विभाग ने चार महीने पहले ही शासन को प्रस्ताव भेजा था, लेकिन अब तक कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। यह दर्शाता है कि किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।

प्रदर्शन में भाग लेने वाले किसानों और कार्यकर्ताओं ने एक संयुक्त मांग की। उन्होंने कहा कि भालुओं द्वारा फसल नुकसान का तत्काल सर्वेक्षण कराया जाना चाहिए और प्रभावित किसानों को मुआवज़ा प्रदान किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, वन्यजीवों से फसलों को बचाने के लिए एक स्थायी कार्ययोजना भी तैयार की जानी चाहिए।

प्रदर्शन में शामिल नेता और कार्यकर्ता

धरना प्रदर्शन में कई RRP नेता शामिल हुए, जिनमें शिवप्रसाद सेमवाल, सुलोचना ईष्टवाल, योगेश ईष्टवाल, भगवती प्रसाद नौटियाल, नवीन पंत, विनोद कोठियाल, शशि रावत, बसंती गोस्वामी, मंजू रावत, सुशील पटवाल, जगदंबा बिष्ट, रेनू नवानी, रजनी कुकरेती, मीना थपलियाल, हेमा कोटनाला, प्रवीण भारद्वाज, शोभित भद्री, सुरेंद्र चौहान, सुमित थपलियाल, आशीष नौटियाल, और पंकज उनियाल सहित बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता शामिल थे।

इस प्रकार, RRP के इस अनोखे प्रदर्शन ने स्पष्ट रूप से किसानों के मुद्दों को उठाया है और सरकार से तात्कालिक कदम उठाने की अपील की है। इससे साफ है कि अगर प्रशासन ने जल्द ही सही कार्रवाई नहीं की, तो किसानों की समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं।

चूंकि उत्तराखंड के किसान इस प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि सरकार उनकी समस्याओं को प्राथमिकता दे और उचित समाधान प्रदान करे।

इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएं: The Odd Naari.

साइन-ऑफ: टीम द ओड नारी, साक्षी मेहता

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