उत्तराखंड में वन्यजीवों का सुरक्षित भविष्य: 12 किमी लंबा एशिया का सबसे बड़ा वन्यजीव कॉरिडोर

वन्य जीवों का सुरक्षा कवच बनेगा वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर दिल्ली-दून एक्सप्रेस वे पर बने एलिवेटेड

Apr 13, 2026 - 18:38
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उत्तराखंड में वन्यजीवों का सुरक्षित भविष्य: 12 किमी लंबा एशिया का सबसे बड़ा वन्यजीव कॉरिडोर
उत्तराखंड में वन्यजीवों का सुरक्षित भविष्य: 12 किमी लंबा एशिया का सबसे बड़ा वन्यजीव कॉरिडोर

उत्तराखंड में अब सुरक्षित होंगे वन्यजीव!

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में अब वन्यजीवों के लिए एक 12 किमी लंबा कॉरिडोर तैयार किया गया है, जो कि एशिया का सबसे बड़ा वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर है।

दिल्ली-दून एक्सप्रेस वे पर बना एलिवेटेड कॉरिडोर

देहरादून में दिल्ली-दून एक्सप्रेस वे पर निर्मित यह एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर वन्य जीवों का सुरक्षा कवच बनने जा रहा है। इस कॉरिडोर की कुल लंबाई 12 किलोमीटर है और इसमें 20 किलोमीटर वन क्षेत्र शामिल है। यह कॉरिडोर वन्य जीवों को एक सुरक्षित मार्ग प्रदान करेगा, जिससे वे प्राकृतिक रूप से अपने निवास स्थानों के बीच यात्रा कर सकें।

अर्थव्यवस्था और पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव

इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के कार्य पर 40 करोड़ रुपये के अतिरिक्त बजट का उपयोग किया जा रहा है। इस निर्माण योजना का एक और सराहनीय पहलू यह है कि यह 19 प्रतिशत ईंधन की बचत का अनुमान प्रदान करता है, जो न केवल पर्यावरण को लाभ पहुंचाएगा, बल्कि सड़क यातायात को भी कम करेगा।

वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण

इस कॉरिडोर के साथ, उत्तराखंड में वन्यजीवों की रक्षा और संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इससे न केवल जानवरों को अपने habitats में सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी, बल्कि यह स्थानीय प्रशासन के लिए भी एक भविष्य की दिशा स्थापित करेगा।

अध्ययन बताते हैं कि वन्य जीवों के जबरदस्त आवास नुकसान, मानव-वन्य जीवन संघर्ष, और जलवायु परिवर्तन के कारण उनकी संख्या में कमी आई है। ऐसे में इस तरह के कॉरिडोर बनाने से न केवल प्रवासियों को मदद मिलेगी बल्कि यह जैव विविधता को भी बनाए रखने में सहायक होगा।

उत्तराखंड सरकार का यह कदम न केवल वन्य जीवों के लिए सुरक्षा कवच है, बल्कि यह पर्यटकों के लिए भी एक आकर्षण का केंद्र बनेगा। पर्यटक अब इस कॉरिडोर का उपयोग कर वन्य जीवों को प्राकृतिक माहौल में देख सकते हैं।

निष्कर्ष

इस परियोजना से उत्तराखंड के वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। ऐसे प्रयासों से क्षेत्र में जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ठोस कदम उठाया जाएगा।

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टीम द ओड नारी द्वारा, सिमरन कौर

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