AIIMS ऋषिकेश भर्ती में बड़ा फर्जीवाड़ा! बायोमेट्रिक सत्यापन में खुला पहचान का खेल, एक गिरफ्तार; नौकरी पाने वाला आरोपी फरार

ऋषिकेश, उत्तराखंड: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ऋषिकेश की CRE-3 भर्ती प्रक्रिया में कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। वायरमैन पद पर भर्ती के दौरान बायोमेट्रिक सत्यापन में पहचान को लेकर गड़बड़ी मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राजस्थान निवासी 40 वर्षीय अशोक कुमार मीणा को गिरफ्तार किया है। वहीं, एम्स में […] The post AIIMS ऋषिकेश भर्ती में बड़ा फर्जीवाड़ा! बायोमेट्रिक सत्यापन में खुला पहचान का खेल, एक गिरफ्तार; नौकरी पाने वाला आरोपी फरार appeared first on Uttarakhand Broadcast.

Oct 19, 2026 - 09:38
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AIIMS ऋषिकेश भर्ती में बड़ा फर्जीवाड़ा! बायोमेट्रिक सत्यापन में खुला पहचान का खेल, एक गिरफ्तार; नौकरी पाने वाला आरोपी फरार

ऋषिकेश, उत्तराखंड: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ऋषिकेश की CRE-3 भर्ती प्रक्रिया में कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। वायरमैन पद पर भर्ती के दौरान बायोमेट्रिक सत्यापन में पहचान को लेकर गड़बड़ी मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राजस्थान निवासी 40 वर्षीय अशोक कुमार मीणा को गिरफ्तार किया है। वहीं, एम्स में कार्यभार ग्रहण करने वाला दूसरा आरोपी विकास कुमार मीणा फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।

पुलिस के अनुसार, 17 अक्टूबर 2026 को एम्स ऋषिकेश में अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जा रहा था। इसी दौरान वायरमैन पद के अभ्यर्थी विकास कुमार मीणा की पहचान को लेकर संदेह हुआ। मूल अभिलेखों और पहचान पत्रों का मिलान करने पर परीक्षा में शामिल हुए व्यक्ति और एम्स में नियुक्ति के बाद कार्यभार ग्रहण करने वाले व्यक्ति की तस्वीरों में अंतर पाया गया। हालांकि, दोनों के दस्तावेजों में दर्ज विवरण समान थे।

शिकायत के बाद दर्ज हुआ मुकदमा

मामले की जानकारी सामने आने के बाद एम्स के सहायक प्रशासनिक अधिकारी विक्रम सिंह ने कोतवाली ऋषिकेश में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून के निर्देश पर पुलिस टीम गठित की गई। विवेचना और साक्ष्य संकलन के बाद पुलिस ने 18 अक्टूबर 2026 को अशोक कुमार मीणा को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी बायोमेट्रिक सत्यापन कराने के लिए एम्स पहुंचा था। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आदेश के बाद जिला कारागार देहरादून भेज दिया गया।

एम्स में नौकरी पाने वाला विकास कुमार मीणा फरार

इस मामले में विकास कुमार मीणा भी वांछित है। पुलिस के अनुसार, विकास ने एम्स ऋषिकेश में कार्यभार ग्रहण किया था, लेकिन मामले का खुलासा होने के बाद से वह फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर तलाश कर रही हैं।

फर्जी पहचान और दस्तावेजों की भूमिका की जांच

पुलिस अब भर्ती प्रक्रिया में कथित प्रतिरूपण, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और मामले में अन्य लोगों की संभावित संलिप्तता की जांच कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि परीक्षा, नियुक्ति और बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी किस तरह हुई।

गिरफ्तार आरोपी: अशोक कुमार मीणा, पुत्र स्वर्गीय रामकरण मीणा, निवासी जटाली ढाणी, काली पहाड़ी, जिला दौसा, राजस्थान, उम्र 40 वर्ष।

वांछित आरोपी: विकास कुमार मीणा, पुत्र धनफूल मीणा, निवासी जटाली ढाणी, काली पहाड़ी, जिला दौसा, राजस्थान।

फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद भर्ती प्रक्रिया में कथित फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य तथ्य सामने आ सकते हैं।

 

 

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