पीपलकोटी में हादसा: THDC टनल में मलबा गिरा, 3 श्रमिकों की मौत, 18 का सफल रेस्क्यू
CHAMOLI: चमोली जिले के पीपलकोटी में गुरुवार शाम को बड़ा हादसा हो गया। यहां टीएचडीसी (टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड) की टनल में धंसाव के साथ पानी का रिसाव हो गया। जिससे कई मजदूर टनल में फंस गये। मलबे में दबने से अब तक 3 श्रमिकों की मौत की खबर है जबकि 180श्रमिकों को सकुशल […] The post पीपलकोटी: THDC की टनल में भरा मलबा, 3 श्रमिकों की मौत, 18 का रेस्क्यू appeared first on Devbhoomi Dialogue.
पीपलकोटी में हादसा: THDC टनल में मलबा गिरा, 3 श्रमिकों की मौत, 18 का सफल रेस्क्यू
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कम शब्दों में कहें तो, चमोली जिले के पीपलकोटी में गुरुवार शाम को एक बड़ा हादसा हुआ, जिसमें टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा और पानी भर गया, जिससे 3 श्रमिकों की जान चली गई और 18 को सकुशल बाहर निकाला गया।
चमोली जिले के पीपलकोटी में दुर्घटना का विवरण
चमोली जिले के पीपलकोटी में वार्ता के दौरान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना का गहराई से उल्लेख किया। घटना शाम 7 बजे के करीब हुई जब टीएचडीसी की टनल में निर्माण कार्य चल रहा था। अचानक पानी का रिसाव शुरू हुआ और मलबा गिरने लगा, जिससे टनल के अंदर काम कर रहे कई श्रमिक फंस गए।
रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी
घटनास्थल पर तात्कालिक राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। कुल 22 श्रमिक टनल के अंदर फंस गए थे, जिसमें से 18 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। उन सभी को विवेकानंद अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ चार की हालत गंभीर बताई जाती है। प्रशासनिक अधिकारी और बचाव कार्य में शामिल टीमों ने बेहद तेजी से कार्य किया, जिससे कई श्रमिकों की जान बचाई जा सकी।
मुख्यमंत्री की सक्रियता
सीएम धामी ने झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से बात की और उन्हें फंसे श्रमिकों की स्थिति के बारे में जानकारी दी। तुरंत ही राहत कार्य के लिए उत्तराखंड सरकार ने तत्परता दिखाई, ताकि जो श्रमिक अभी भी फंसे हुए हैं, उन्हें सुरक्षित निकाला जा सके।
निष्कर्ष
यह घटना न केवल श्रमिकों के लिए एक संकट है, बल्कि टनल निर्माण की सुरक्षा मानकों पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि ऐसे हादसे भविष्य में न हों। केवल श्रमिकों का जीवन ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों का भविष्य भी इससे प्रभावित होता है। उत्तराखंड सरकार की ओर से इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच किए जाने की आवश्यकता है।
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सादर,
टीम द ओड नारी
सीमा रानी
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