नगरासू मामले पर सीएम धामी का बयान: उत्तराखंड सबको गले लगाता है, बिना भेदभाव के कार्रवाई का आश्वासन
DEHRADUN: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित नगरासू गुरुद्वारे में मौजूद निहंग सिखों का मामला बढ़ता ही जा रहा है। लगातार तीसरे दिन भी निहंगों का गुरुद्वारे पर कब्जा बरकरार है। इस मामले में अब पंजाब के सीएम भगवंत मान ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात की है। पंजाब सीएम […] The post नगरासू मामले पर सीएम धामी का बयान, उत्तराखंड सबको गले लगाता है, बिना किसी भेदभाव के कार्वाई करेंगे appeared first on Devbhoomi Dialogue.
नगरासू मामले पर सीएम धामी का बयान: उत्तराखंड सबको गले लगाता है
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में नगरासू गुरुद्वारे में निहंग सिखों के कब्जे को लेकर स्थिति गंभीर हो रही है। हालात को समर्पित करने की कोशिश करते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले पर बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
गुरुद्वारे पर निहंगों का कब्जा और मुख्यमंत्री का बयान
DEHRADUN: रुद्रप्रयाग जिले में नगरासू गुरुद्वारे में मौजूद निहंग सिखों का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। यह मामला अब तीन दिन से अधिक समय से चल रहा है, जहाँ निहंगों का कब्जा बरकरार है। इस मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात की। उन्होंने सिखों की मांगों पर प्राथमिकता से विचार करने का आग्रह किया।
सीM धामी ने पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि उत्तराखंड देवभूमि है, जो सभी धर्मों का सम्मान करती है। उन्होंने कहा, "हम बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई करेंगे। हेमकुंड साहिब, नानकमत्ता साहिब, और रीठा साहिब जैसे पवित्र स्थलों का घर होने के नाते, हमारी संस्कृति में सभी धर्मों का सम्मान करना महत्वपूर्ण है।" उन्होंने बातचीत के महत्व पर भी जोर दिया और कहा कि संवाद के रास्ते हमेशा खुले रहना चाहिए।
पंजाब सरकार की सहायता और संवाद का महत्व
इससे पहले, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सीएम धामी से कहा कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत का रास्ता खुला रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी को समझदारी से काम लेना चाहिए। मान ने उत्तराखंड सरकार को किसी भी तरह की सहायता देने का आश्वासन भी दिया, जिससे सिख धर्म गुरुओं के साथ बातचीत की जा सके।
समाज में सद्भावना और सामंजस्य का महत्व
उत्तराखंड का यह घटनाक्रम न केवल धार्मिक समर्पण का एक उदाहरण है, बल्कि यह समाज में सद्भावना और सामंजस्य के महत्व को भी दर्शाता है। यह ज़रूरी है कि सभी धार्मिक समुदाय एक-दूसरे का सम्मान करें और मिलकर विकास की दिशा में बढ़ें। राज्य सरकार की भूमिका इस दिशा में महत्वपूर्ण है, और हमें उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इसे सुलझाने में सफल होगा।
हमारी धर्मनिरपेक्ष संस्कृति हमें यह सिखाती है कि भेदभाव के बिना सभी को साथ लेकर चलना हमारी जिम्मेदारी है, और यही बात मुख्यमंत्री धामी के बयान में स्पष्ट होती है।
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सादर, टीम द ओड नारी
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