नगरासू गुरुद्वारा विवाद: छत पर निहंगों का तांडव, पथराव और क्रॉस मुकदमे की कहानी
The post नगरासू गुरुद्वारा विवाद- छत पर डटे हैं निहंग, पथराव और क्रॉस मुकदमे appeared first on Avikal Uttarakhand. गुरुद्वारे का काफी सामान तोड़ा,लाखों का नुकसान, भोजन भी हुआ खराब बिना किसी भेदभाव के मामले की निष्पक्ष जांच होगी-सीएम पढ़ें, मामले की जांच हरिद्वार ट्रांसफर अविकल उत्तराखण्ड रुद्रप्रयाग/कर्णप्रयाग। नगरासू… The post नगरासू गुरुद्वारा विवाद- छत पर डटे हैं निहंग, पथराव और क्रॉस मुकदमे appeared first on Avikal Uttarakhand.
नगरासू गुरुद्वारा विवाद: छत पर निहंगों का तांडव, पथराव और क्रॉस मुकदमे की कहानी
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कम शब्दों में कहें तो: नगरासू गुरुद्वारा विवाद में निहंगों और स्थानीय लोगों के बीच संघर्ष बढ़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।
रुद्रप्रयाग/कर्णप्रयाग: उत्तराखंड के नगरासू गुरुद्वारे में हो रहा हिंसक विवाद अब तीसरे दिन भी जारी है। यहाँ निहंगों और स्थानीय लोगों के बीच तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। सोमवार को पुलिस और निहंगों के बीच लगभग सामान्य स्थिति नहीं हो पाई, जिसके चलते सुरक्षा बलों की तैनाती में वृद्धि की गई है।
चित्र में दर्शाए गए हालात से स्पष्ट है कि इस विवाद ने न केवल स्थानीय वातावरण को प्रभावित किया है बल्कि चारधाम यात्रा मार्ग पर भी इसका असर पड़ा है।दिल्ली और पंजाब में भी इस मुद्दे को लेकर हलचल मच गई है। दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के सदस्यों ने इसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सोमवार सुबह स्थिति और भयंकर हो गई जब दो निहंग भोजन लेने के लिए नीचे आए। एक निहंग भोजन लेने को उतरा जबकि दूसरा तलवार लहराने लगा। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भोजन लेने आए निहंग को हिरासत में लिया और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद, छत पर मौजूद संगठनों ने पत्थरबाज़ी शुरू कर दी। अमूमन इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन क्षेत्र का तनाव बढ़ गया है।
गुरुद्वारे के निचले हिस्से और प्रवेश द्वार तथा आसपास के क्षेत्रों में कड़ी सुरक्षा तैनात की गई है। वहां पर अभी भी चार निहंग उपस्थित हैं और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी स्थिति को सामान्य बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
विवाद का असर
पहले से ही भीड़भाड़ वाले नगरासू बाजार में श्रद्धालुओं की संख्या में काफी कमी आई है। सामान्य दिनों में लोग यहाँ लंगर ग्रहण करने आते हैं, लेकिन इस तनावपूर्ण वातावरण की वजह से लोग आने से कतराने लगे हैं।इस विवाद की जड़ें 16 जून, 2026 को उस समय से जुड़ी हुई हैं जब स्थानीय लोगों और सिख श्रद्धालुओं के बीच छोटी सी कहासुनी हुई थी, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गई। इस मामले को लेकर कर्णप्रयाग कोतवाली में क्रॉस मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस मुख्यालय ने इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए इसे हरिद्वार स्थानांतरित कर दिया है।
दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी के सदस्यों ने भी राज्य के डीजीपी से बातचीत कर उचित कार्रवाई की मांग की है। इस बीच, शासन ने पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है। गृहमंत्री शैलेश बगोली ने जानकारी दी कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और सभी तथ्य इस जांच में शामिल किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहाँ सभी धर्मों का सम्मान किया जाता है, उन्होंने वादा किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
गुरुद्वारे का नुकसान
गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के सदस्यों ने बताया कि निहंगों ने छत पर काफी तोड़फोड़ की है। उन्होंने सौर प्रणाली और पानी की आपूर्ति को बाधित किया है, जिससे संचालन बाधित हुआ है। उन्होंने कहा कि पुलिस को इस संदर्भ में सूचित किया गया है।
एक सेवादार ने आक्रोश के साथ कहा कि, "ये लोग ऋषिकेश में भी झगड़ा कर चुके हैं। वे यहां भी बदतमीज़ी कर रहे हैं। हमने एक बुजुर्ग को बंधक बना हुआ पाया। जबकि एक मंदबुद्धि व्यक्ति को हमने छुड़ाया। हमारी लाखों की हानि हुई है और जो लंगर हम तैयार करते हैं, वो भी खराब हो गया है। सभी प्रयासों के बावजूद, वो लोग नीचे नहीं आ रहे हैं और तबाही मचा रहे हैं।"
इस विवाद का सारांश
कर्णप्रयाग में निहंगों और स्थानीय लोगों के बीच विवाद 16 जून को हुआ था, जब साधारण कहासुनी ने हस्तक्षेप के बाद हिंसक झड़प बना लिया था। तलवारों और लाठियों का इस्तेमाल कर जाप था। इस स्थिति ने आयोजनों को बाधित कर दिया है और सुरक्षा बलों को निरंतर उनकी सुरक्षा के लिए तैनात किया जा रहा है।
राज्य के अधिकारियों ने अब तक की घटनाओं की जांच की जानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
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सप्रेम,
टीम द ओड नारी
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