दिल्ली-एनसीआर में ईडी का छापा, दो रियल एस्टेट कंपनियां जांच के दायरे में

कार्रवाई में जिन दो रियल एस्टेट कंपनियों के नाम सामने आए हैं, वे अंतरिक्ष प्रमोटर्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और सनसाइन इन्फ्रावेल प्राइवेट लिमिटेड हैं। इन कंपनियों से जुड़े परिसरों में तलाशी के जरिए ईडी मामले के दस्तावेजी और वित्तीय पहलुओं की पड़ताल कर रही है। हालांकि, केवल जांच के दायरे में नाम आने से किसी कंपनी या व्यक्ति के खिलाफ…

Oct 23, 2026 - 18:38
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दिल्ली-एनसीआर में ईडी का छापा, दो रियल एस्टेट कंपनियां जांच के दायरे में

नोएडा:  एनआरआई हाउसिंग लोन धोखाधड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कार्रवाई तेज करते हुए दिल्ली-एनसीआर समेत तीन क्षेत्रों में छापेमारी की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसी ने कुल 13 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई का संबंध कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल से किए गए हाउसिंग लोन धोखाधड़ी मामले से है। जांच के दायरे में एनसीआर की दो रियल एस्टेट कंपनियों के नाम सामने आए हैं, जिनमें अंतरिक्ष प्रमोटर्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और सनसाइन इन्फ्रावेल प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।

छापेमारी के दौरान ईडी की टीमें संबंधित परिसरों में दस्तावेजों और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच कर रही हैं। एजेंसी का उद्देश्य मामले से जुड़े वित्तीय लेनदेन, कथित धोखाधड़ी के तरीके और इसमें शामिल लोगों की भूमिका से संबंधित जानकारी जुटाना है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि तलाशी के दौरान अब तक कौन-कौन से दस्तावेज या अन्य साक्ष्य बरामद हुए हैं।

एनआरआई हाउसिंग लोन धोखाधड़ी के मामलों में आम तौर पर संपत्ति खरीदने, ऋण हासिल करने और दस्तावेजों के सत्यापन से जुड़े पहलुओं की जांच की जाती है। इस मामले में भी कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि दस्तावेज किस तरह तैयार किए गए, उनका इस्तेमाल किन प्रक्रियाओं में हुआ और संबंधित कंपनियों या व्यक्तियों की इसमें क्या भूमिका रही। इन बिंदुओं पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा।

कार्रवाई में जिन दो रियल एस्टेट कंपनियों के नाम सामने आए हैं, वे अंतरिक्ष प्रमोटर्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और सनसाइन इन्फ्रावेल प्राइवेट लिमिटेड हैं। इन कंपनियों से जुड़े परिसरों में तलाशी के जरिए ईडी मामले के दस्तावेजी और वित्तीय पहलुओं की पड़ताल कर रही है। हालांकि, केवल जांच के दायरे में नाम आने से किसी कंपनी या व्यक्ति के खिलाफ आरोप साबित नहीं हो जाते। इस संबंध में संबंधित पक्षों का आधिकारिक बयान और जांच एजेंसी की विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

दिल्ली-एनसीआर में रियल एस्टेट कारोबार और आवासीय परियोजनाओं से जुड़े वित्तीय मामलों की जांच के लिहाज से यह कार्रवाई महत्वपूर्ण है। हाउसिंग लोन की प्रक्रिया में बैंक और वित्तीय संस्थान आवेदकों की पहचान, आय, संपत्ति और अन्य दस्तावेजों की जांच करते हैं। यदि किसी मामले में कथित तौर पर गलत दस्तावेजों के आधार पर ऋण हासिल किया गया हो, तो जांच में दस्तावेजों की प्रामाणिकता, धन के प्रवाह और संबंधित पक्षों के बीच हुए लेनदेन की भूमिका अहम हो जाती है।

ईडी की मौजूदा कार्रवाई में तीन क्षेत्रों में स्थित 13 ठिकानों पर तलाशी लिए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी दस्तावेजों की पड़ताल के जरिए मामले से जुड़े तथ्यों को स्थापित करने का प्रयास कर रही है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस कार्रवाई के बाद किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी हुई है या किसी संपत्ति को जब्त किया गया है। इसी तरह, कथित धोखाधड़ी में शामिल धनराशि और प्रभावित लोगों की संख्या के बारे में भी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

फिलहाल जांच का केंद्र कथित हाउसिंग लोन धोखाधड़ी और उसमें इस्तेमाल किए गए दस्तावेज हैं। आने वाले समय में जांच एजेंसी की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी से मामले की प्रकृति, संबंधित पक्षों की भूमिका और आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। जांच पूरी होने तक सभी आरोपों को कथित आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

 

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