किन्नौर में बेली ब्रिज की चपेट में आया डंपर, हादसे की जानकारी

किन्नौर। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में मंगलवार को एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया, जब राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (एनएच-5) पर बना लगभग 190 फीट लंबा बेली ब्रिज अचानक टूट गया। हादसे के समय एक भारी डंपर पुल से गुजर रहा था, जो पुल के ढहते ही नीचे जा गिरा। दुर्घटना में डंपर चालक घायल हो […]

Jun 24, 2026 - 18:38
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किन्नौर में बेली ब्रिज की चपेट में आया डंपर, हादसे की जानकारी
किन्नौर में बेली ब्रिज की चपेट में आया डंपर, हादसे की जानकारी

किन्नौर में टूटा 190 फीट बेली ब्रिज, डंपर नदी में गिरा

कम शब्दों में कहें तो, किन्नौर जिले में एक बड़ा सड़क हादसा हुआ जब एक 190 फीट लंबा बेली ब्रिज अचानक टूट गया, जिससे एक डंपर नीचे गिर गया और चालक घायल हो गया।

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किन्नौर। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में मंगलवार को एक गंभीर सड़क दुर्घटना घटित हुई, जिसका प्रभाव स्थानीय परिवहन पर पड़ा। राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (एनएच-5) पर बना लगभग 190 फीट लंबा बेली ब्रिज उस समय अचानक ढह गया जब एक भारी डंपर पुल पर से गुजर रहा था। इस भयावह हादसे के चलते डंपर नदी में गिर गया, जिससे चालक को चोटें आईं। स्थानीय लोगों ने मिलकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।

यह घटना किन्नौर के उरनी क्षेत्र में घटित हुई, जहां यह बेली ब्रिज कई वर्षों से ट्रैफिक के लिए उपयोग में लाया जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि डंपर जैसे ही पुल के मध्य भाग पर पहुंचा, पुल का ढांचा हिलने लगा और कुछ ही क्षणों में पूरा पुल टूटकर नीचे गिर गया। चालक को वाहन रोकने का कोई समय नहीं मिला और वह अपनी स्थिति से बेखबर रह गया।

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और लोक निर्माण विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के बाद चालक को अस्पताल भेजा गया। अधिकारियों की जानकारी के अनुसार चालक को मामूली चोटें आई हैं और उसकी हालत खतरे से बाहर है। इस घटना के बाद आस-पास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है ताकि कोई अन्य दुर्घटना न हो।

स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पुल लंबे समय से भारी वाहनों का दबाव झेल रहा था। हालांकि पुल की स्थिति को लेकर पहले भी कई बार चिंताएँ व्यक्त की गईं थीं, लेकिन नियमित यातायात जारी रहा। अब पुल के टूटने के बाद उसकी मजबूती और रखरखाव के बारे में गंभीर सवाल उठने लगे हैं। कई ग्रामीणों ने प्रशासन से अन्य पुलों और संरचनाओं की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।

प्रारंभिक जांच में यह माना जा रहा है कि पुल पर गुजरने वाले वाहन का वजन निर्धारित सीमा से अधिक हो सकता है। हालांकि, इस संदर्भ में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इस बीच, तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम घटनास्थल पर भेजी जा चुकी है, जो पुल के टूटने के कारणों का व्यापक अध्ययन करेगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा संरचनात्मक कमजोरी, अत्यधिक भार या किसी अन्य कारण से हुआ।

इस दुर्घटना ने एनएच-5 पर यातायात को प्रभावित किया है। यह मार्ग हिमाचल प्रदेश के मुख्य संपर्क मार्गों में से एक है और किन्नौर को राज्य के अन्य हिस्सों से जोड़ता है। प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय निवासियों की परेशानी को कम करने के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की है। पुलिस द्वारा अन्य रास्तों से वाहनों को भेजा जा रहा है ताकि लोगों को अधिक कठिनाई का सामना न करना पड़े।

विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में अस्थायी या वैकल्पिक पुलों की समय-समय पर निगरानी बेहद जरूरी होती है। यहां के मौसम, भूस्खलन, भारी वाहनों की आवाजाही और प्राकृतिक परिस्थितियों का इन संरचनाओं पर असर पड़ता है। ऐसे में नियमित निरीक्षण और मरम्मत कार्य सुरक्षा के लिए बेहद आवश्यक हैं, विशेषकर किन्नौर जैसे दुर्गम क्षेत्रों में जहाँ सड़क संपर्क जीवनरेखा के समान है।

हादसे के बाद, स्थानीय प्रशासन ने निवासियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। साथ ही, भारी वाहनों के चालकों को निर्धारित भार क्षमता और सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए सलाह दी गई है।

इस घटना ने सड़क अवसंरचना की सुरक्षा और रखरखाव के मुद्दे को एक बार फिर से चर्चा में ला दिया है। प्रशासन का कहना है कि हादसे की पूरी जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, क्षेत्र में राहत कार्य जारी है और यातायात को सामान्य बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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सादर,
टीम द ऑड नारी, प्रियंका बद्दू

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