कपकोट: सावन के पहले सोमवार को सरयू नदी में 7 साल का बच्चा बहा, तलाश जारी

BAGESHWAR: सावन के पहले सोमवार को  बागेश्वर के कपकोट में बडा हादसा हो गया। अपनी मां के साथ शिवालय गया 7 साल का मासूम पानी भरते वक्त अचानक सरयू नदी में गिरकर बह गया। पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और फायर सर्विस की टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सात वर्षीय राकेश अपनी मां […] The post कपकोट: सावन के पहले सोमवार को बड़ा हादसा, सरयू नदी में बहा 7 साल का बच्चा appeared first on Devbhoomi Dialogue.

Jul 20, 2026 - 18:38
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कपकोट: सावन के पहले सोमवार को सरयू नदी में 7 साल का बच्चा बहा, तलाश जारी
कपकोट: सावन के पहले सोमवार को सरयू नदी में 7 साल का बच्चा बहा, तलाश जारी

कपकोट: सावन के पहले सोमवार को बड़ा हादसा, सरयू नदी में बहा 7 साल का बच्चा

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कम शब्दों में कहें तो, सावन के पहले सोमवार को बागेश्वर के कपकोट में एक बड़ा हादसा हुआ, जब सात साल का बच्चा, राकेश, अपनी मां के साथ शिवालय जाते समय सरयू नदी में गिरकर बह गया। राकेश की खोज के लिए पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और फायर सर्विस की टीमें जुटी हैं।

हादसे का विवरण

BAGESHWAR: सावन का महीना धार्मिक मान्यताओं का प्रतीक होता है, लेकिन इस बार यह दिन मातम लेकर आया। 7 वर्षीय राकेश अपनी मां कमला देवी के साथ शिवालय गया था। वहाँ, पानी भरने के दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह तेज धारा में जा गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मौके पर एक स्थानीय युवक ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन बहाव के कारण वह सफल नहीं हो पाया।

परिवार की स्थिति

राकेश की मां, कमला देवी, ने बताया कि उनका बेटा कक्षा दो का छात्र था। पिताजी नारायण सिंह एक निजी नौकरी करते हैं। परिवार मूल रूप से लाहुर गांव का रहने वाला हैं, लेकिन बच्चों की शिक्षा के लिए कपकोट में किराए के मकान में रह रहे हैं। हादसे के बाद से परिवार की स्थिति बेहद खराब हो गई है। वे बार-बार अपने बेटे की तलाश में लगे हुए हैं।

खोज एवं बचाव अभियान

घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंच गई। उन्होंने बालक की तलाश के लिए खोज एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया है। बचाव कार्य में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों का समर्थन भी मिल रहा है, लेकिन तेज धारा के कारण खोज में कठिनाई आ रही है। स्थानीय लोग भी मदद के लिए आगे आए हैं, और सभी की आंखों में बच्चे की सुरक्षित वापसी की उम्मीद है।

नदी की जटिलताएं

जिलाधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर उपस्थित रहे और उन्होंने स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे नदी के किनारे सतर्क रहें और बच्चों को अकेले न जाने दें। इस प्रकार की घटनाएँ हमें यह याद दिलाती हैं कि प्राकृतिक जल स्रोतों के पास सुरक्षा जरूरी है।

सुरक्षा सुझाव

किसी भी जल स्रोत के पास जाने से पहले कुछ निवारक उपायों का पालन करना चाहिए, जैसे:

  • बच्चों को अकेले नहीं जाने देना।
  • नदियों के किनारे सुरक्षा बैरिकेड्स का निर्माण करना।
  • प्रत्यक्षदर्शियों को आवेदन करना चाहिए कि वे सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
  • आपातकालीन नंबरों को हमेशा अपने पास रखना।

इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। लोगों की प्रार्थनाएँ राकेश के लिए हैं और सभी उसकी सुरक्षित वापसी की कामना कर रहे हैं।

इस स्थिति में हम सभी को संवेदनशील रहना चाहिए और जल स्रोतों के प्रति सजग रहना चाहिए। आप अधिक जानकारी और अपडेट्स के लिए हमारे वेबसाइट पर भी देख सकते हैं: The Odd Naari.

सादर,

टीम द ऑड नारी

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